*आज से ग्यारह वर्ष पहले बस्तर में हुआ था दिल दहला देने वाला हमला*
आज, *6 अप्रैल* को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाता है, जब *76 वीर सिपाही* अपनी जान की आहुति देकर शहीद हो गए थे। इस दिन भाजपा का स्थापना दिवस और कांग्रेस की स्थापना के सवा सौवें वर्ष का आयोजन हो रहा था, लेकिन वही दिन बस्तर के *दंतेवाड़ा जिले के चिन्तलनार गांव* में नक्सलियों के घातक हमले से स्याह हो गया।
नक्सलियों ने एक बड़ी साजिश के तहत सुरक्षा बलों को निशाना बनाया और सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस पार्टी को घेर कर उन पर हमला किया। *हमले में 76 जवान शहीद हो गए*, और यह घटना नक्सल हिंसा के इतिहास का सबसे दर्दनाक दिन बन गई। यह हमला न केवल कायराना था, बल्कि यह हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और बलिदान की वास्तविकता को भी उजागर करता है।
भले ही इस हमले के बाद नक्सलियों की निंदा की गई और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाइयों का आश्वासन दिया गया, लेकिन बस्तर में नक्सलवाद का प्रकोप अभी भी थमा नहीं है। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि हमारे सुरक्षाकर्मी किस हद तक अपनी जान की बाजी लगा कर हमें सुरक्षित रखने का कार्य करते हैं।
*इन 76 शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।*
इन बहादुर सिपाहियों ने अपनी जान की कीमत पर संविधान और राष्ट्र की रक्षा की। उनका बलिदान न केवल इतिहास में लिखा जाएगा, बल्कि यह हमारी स्थायी स्मृति बनकर रहेगा। इन वीरों की शहादत को हम कभी नहीं भुला सकते, क्योंकि संविधान तभी तक सुरक्षित है जब तक हमारे जवान इसे अपने खून से सींचते रहेंगे।
*नक्सलियों की कायरता और इस हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत पर हम गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।*
*”शहीदों की यादों में हम सदैव उनके बलिदान को सम्मानित करते हैं, और उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।”*
???? *शहीद जवानों को श्रद्धांजलि* ????
*जय हिन्द, जय भारत!*
????????सी जी संविधान न्यूज़ छत्तीसगढ़ ????????

