*बचेली-किरंदुल का ‘ज़हर का झरना’! साफ-सुथरा दिखने वाला पानी, लेकिन अंदर घातक प्रदूषण – NMDC की पाइपलाइन से पूरा टाउनशिप पी रहा है गंदा पानी?*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*बचेली-किरंदुल का ‘ज़हर का झरना’! साफ-सुथरा दिखने वाला पानी, लेकिन अंदर घातक प्रदूषण – NMDC की पाइपलाइन से पूरा टाउनशिप पी रहा है गंदा पानी?*

बचेली/किरंदुल (दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़): बैलाडीला की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच छिपा ’15 टंकी’ (15 टंकी झरना या ब्लू वॉटरफॉल्स) – जहां रोज सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग पिकनिक मनाते हैं, नहाते-धोते हैं, मस्ती करते हैं। पानी इतना क्रिस्टल क्लियर दिखता है कि लगता है सीधा स्वर्ग से टपका हो। लेकिन हकीकत कुछ और है। यही पानी NMDC की पाइपलाइन के जरिए बचेली और किरंदुल टाउनशिप के हजारों परिवारों तक पहुंच रहा है – पीने के लिए, खाने-पीने, नहाने-धोने के लिए!

सवाल जो हर किसी के जेहन में घूम रहा है:

साफ दिखने वाला पानी वाकई पीन योग्य है? या ये अनजाने में ‘स्लो पॉइजन’ बन चुका है?

NMDC ने इस जगह पर प्रतिबंध लगाया था, CISF जवानों की ड्यूटी लगाई, फिर भी लोग कैसे पहुंच रहे हैं और पानी को गंदा कर रहे हैं?

क्या टाउनशिप के लोग सालों से दूषित पानी पी रहे हैं?

ग्राउंड रियलिटी:

15 टंकी क्षेत्र जंगल के बीच प्राकृतिक जल स्रोत है, जो NMDC के पानी की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत माना जाता है। पर्यटक और लोकल यहां स्विमिंग पूल की तरह इस्तेमाल करते हैं – साबुन, तेल, खाने-पीने का कचरा, प्लास्टिक और इंसानी गंदगी सब मिल जाता है। पानी का बहाव पाइपलाइन तक जाता है। NMDC के प्रतिबंध के बावजूद भीड़ बढ़ती जा रही है क्योंकि जगह बेहद खूबसूरत है – सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज से और भी ज्यादा लोग आकर्षित हो रहे हैं।

क्षेत्र में पहले से ही NMDC की खदानों से ‘रेड वॉटर’ (लाल पानी) की समस्या चर्चित रही है, जो नदियों, खेतों और ग्रामीणों के जीवन को प्रभावित कर रही है। अब टाउनशिप का अपना स्रोत भी प्रदूषित हो रहा है तो खतरा दोगुना!

NMDC और प्रशासन पर सवाल:

पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच हो रही है या नहीं?

क्या ट्रीटमेंट प्लांट पर्याप्त है या सिर्फ दिखावा?

CISF की ड्यूटी के बावजूद एंट्री कैसे हो रही? क्या सुरक्षा में चूक है?

रामाबुती जैसे अन्य स्रोतों पर भी यही हालत तो नहीं?

स्थानीय लोग अब चिंतित हैं। एक तरफ खदान से पर्यावरण प्रदूषण, दूसरी तरफ पिकनिक स्पॉट बन चुका अपना ही जल स्रोत। कब तक अनजाने में गंदा पानी पीते रहेंगे?

मांग:

तुरंत स्वतंत्र जांच एजेंसी से पानी का टेस्ट कराया जाए।

15 टंकी क्षेत्र में सख्त प्रतिबंध और वैकल्पिक पर्यटन स्पॉट विकसित किए जाएं।

बेहतर फिल्ट्रेशन और अल्टरनेटिव वॉटर सोर्स की व्यवस्था।

NMDC और जिला प्रशासन से जवाबदेही तय हो।

ये सिर्फ एक टाउनशिप की समस्या नहीं, बल्कि पूरे इलाके के स्वास्थ्य का सवाल है। अगर आज नहीं रोका गया तो कल बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं।

NMDC, प्रशासन और स्थानीयों – समय आ गया है एक्शन लेने का! पानी की लापरवाही अब ‘मौत का सौदा’ न बन जाए!

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles