*किरंदुल में 2 लीटर शराब की कालाबाजारी: तेलंगाना-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर तस्करी का गठजोड़?*
दंतेवाड़ा (किरंदुल), 27 मई 2026 — छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र में 2 लीटर वाली शराब की बोतलों की कालाबाजारी खुलेआम चल रही है। सरकारी शराब की दुकानों में 2 लीटर की कोई बोतल उपलब्ध न होने के बावजूद बाजार में ये बोतलें धड़ल्ले से बिक रही हैं। सूत्रों के मुताबिक ये शराब मुख्य रूप से तेलंगाना से आ रही है, जो छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमाओं से सटे इलाकों के रास्ते तस्करी होकर पहुंच रही है।
स्थानीय स्थिति
किरंदुल बैलाडिला लौह अयस्क खदानों का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में मजदूर, ठेकेदार और स्थानीय निवासी रहते हैं। सरकारी दुकानों में 2 लीटर पैक साइज की शराब न मिलने के कारण मांग बढ़ी हुई है। सूत्र बताते हैं कि बाजार में ये बोतलें आसानी से उपलब्ध हैं, जो स्पष्ट रूप से अवैध सप्लाई चेन का संकेत देता है।
स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहा है — ये 2 लीटर की बोतलें आखिर कहां से आ रही हैं? और इनके तस्कर कौन हैं?
सूत्रों के अनुसार सप्लाई रूट
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक:
मुख्य स्रोत: तेलंगाना (छत्तीसगढ़ से लगा हुआ क्षेत्र)।
अन्य संभावित रूट: ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमाएं।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के जंगली और दुर्गम इलाकों का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा है।
भारत में शराब नीतियां राज्यवार अलग-अलग हैं। तेलंगाना से सस्ती या गैर-ड्यूटी पेड (NDPL) शराब अक्सर पड़ोसी राज्यों में तस्करी होती रही है। किरंदुल जैसे खनन क्षेत्रों में मांग ज्यादा होने के कारण यह रूट आकर्षक बन गया है।
समान घटनाएं और चुनौतियां
पड़ोसी राज्यों में शराब तस्करी की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। तेलंगाना एक्साइज विभाग ने अक्सर गोवा, दिल्ली और अन्य राज्यों से आने वाली NDPL शराब जब्त की है। छत्तीसगढ़ में भी बॉर्डर एरिया में अवैध शराब की सप्लाई की शिकायतें समय-समय पर उठती रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
सीमा सुरक्षा बलों और एक्साइज विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत।
जंगली इलाकों और खदानों के आसपास चेकपोस्ट मजबूत करने की मांग।
बड़े नेटवर्क में स्थानीय लोगों, ट्रांसपोर्टरों और संभवतः कुछ अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।
प्रशासन से अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों और सूत्रों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। किरंदुल पुलिस और दंतेवाड़ा एक्साइज विभाग को इस कालाबाजारी पर सख्ती से निपटना चाहिए। अगर तस्करी बड़े स्तर पर हो रही है तो बड़े गिरोह का भंडाफोड़ जरूरी है।

