*सी.जी. संविधान न्यूज़ का असर: सरकार जागी और सख्त कार्रवाई की!*
नवा रायपुर, 21 मई 2026 – लगातार कई महीनों से सी.जी. संविधान न्यूज़ द्वारा अशासकीय (प्राइवेट) स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी, पुस्तक-गणवेश एक ही फर्म से जबरन खरीदने और अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को बार-बार उठाया गया था।
इसी निरंतर पत्रकारिता और जनहित की आवाज के कारण छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग को मजबूरन संज्ञान लेना पड़ा और मात्र 19 मई 2026 को त्वरित आदेश जारी कर दिया गया।
सी.जी. संविधान न्यूज़ के खबरों का साफ असर:
शासन ने स्वीकार किया कि “समाचार पत्रों में उक्त संबंध में नियमित रूप से शिकायतें प्रकाशित हो रही हैं” — यह सीधे उन मीडिया आउटलेट्स की ओर इशारा है जिनमें सी.जी. संविधान न्यूज़ अग्रणी भूमिका में रहा।
पूरे छत्तीसगढ़ में जिला स्तरीय निगरानी समिति और विकासखण्ड स्तर पर जांच दल का गठन किया गया।
फीस वृद्धि पर छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक-2020 के तहत स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई के सख्त निर्देश।
अभिभावकों को जबरन एक फर्म से सामग्री खरीदने की मजबूरी पर तुरंत रोक और निगरानी का प्रावधान।
यह क्यों माना जा रहा है सी.जी. संविधान न्यूज़ की बड़ी जीत?
जब आम अभिभावक की आवाज अकेले दब रही थी, तब सी.जी. संविधान न्यूज़ ने इस मुद्दे को लगातार उठाकर शासन तक पहुँचाया। परिणामस्वरूप:
हजारों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर प्रशासनिक नकेल कसी गई।
अब शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव हो सकेगा।
अभिभावकों के लिए अच्छी खबर
अब यदि कोई स्कूल फीस मनमाने ढंग से बढ़ाता है या किताब-गणवेश एक खास दुकान/फर्म से ही खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो आप सीधे जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी या विकासखण्ड स्तर की समिति में शिकायत कर सकते हैं।
सी.जी. संविधान न्यूज़ का यह निरंतर प्रयास साबित करता है कि सच्ची पत्रकारिता अभी भी सरकार को जवाबदेह बना सकती है।
जय जनता! जय छत्तीसगढ़!
अभिभावक अब राहत की सांस ले सकते हैं।

