*बीजापुर : माओवादियों का बड़ा हमला नाकाम, सुरक्षा बलों ने १० किलो का आईईडी बरामद कर मौके पर किया नष्ट*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*बीजापुर : माओवादियों का बड़ा हमला नाकाम, सुरक्षा बलों ने १० किलो का आईईडी बरामद कर मौके पर किया नष्ट*

बीजापुर, २० नवंबर २०२५

(ब्यूरो : पुकार बाफना)

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा बलों ने माओवादियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। चिहका-उसपरी मार्ग पर माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए प्लांट किया गया लगभग १० किलोग्राम वजनी कमांड आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद कर मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।

बुधवार को भैरमगढ़ थाना प्रभारी की अगुवाई में स्थानीय पुलिस बल एवं जिला बीडीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) की संयुक्त टीम उसपरी क्षेत्र में क्षेत्रीय गश्त एवं सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इसी दौरान टीम को सड़क किनारे संदिग्ध इलेक्ट्रिक तार दिखाई दिया। तुरंत सतर्क हुई टीम ने पूरे इलाके की गहन तलाशी शुरू की।

तलाशी के क्रम में सड़क के पास एक स्टील टिफिन बॉक्स में छिपाकर रखा गया शक्तिशाली कमांड आईईडी बरामद हुआ, जिसका वजन करीब १० किलोग्राम था। माओवादियों ने इसे इसी मार्ग से गुजरने वाली सुरक्षा बलों की गस्ती पार्टी या आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए प्लांट किया था।

बीडीडीएस टीम ने अत्यंत सावधानी और तकनीकी विशेषज्ञता से आईईडी को डिफ्यूज करने के बाद मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट द्वारा नष्ट कर दिया। इस सफल कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी एक बार फिर साबित हुई।

क्षेत्र में लगातार इस तरह की सर्चिंग और क्षेत्रीय नियंत्रण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे माओवादियों के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई की सराहना की है।

Leave a Comment

और पढ़ें

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*

Buzz4 Ai

Read More Articles

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*