*बारेगुड़ा पंचायत में सैचुरेशन अभियान की तेजी से प्रगति: ग्रामीणों के आवास सपनों को मिलेगा नया आयाम, अधिकारियों ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश*
बीजापुर जिला ब्यूरो, पुकार बाफना
बीजापुर, 20 नवंबर 2025।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में ग्रामीण विकास की नई उम्मीद जग रही है। नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बारेगुड़ा में आज प्रातः 8 बजे आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक ने सैचुरेशन अभियान को नई गति प्रदान कर दी है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और पंचायत अमला की सक्रिय उपस्थिति में ग्रामवासियों के साथ हुई इस बैठक में शासन की प्रमुख योजनाओं—विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)—की प्रगति पर गहन समीक्षा की गई। यह अभियान ग्रामीणों को 100 प्रतिशत सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का एक सराहनीय प्रयास है, जो दूरस्थ इलाकों में विकास की पहुंच को मजबूत कर रहा है।
बैठक में अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। सैचुरेशन अभियान के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक योजनाओं की समीक्षा से पता चला कि पंचायत स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव हो चुके हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी और तेजी की आवश्यकता है। विशेष रूप से, पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत लेकिन लंबित निर्माण कार्यों पर फोकस करते हुए अधिकारियों ने सख्त निर्देश जारी किए कि इन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। यह कदम न केवल ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान का तोहफा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ में चल रहे पीएमएवाई-जी के लक्ष्यों को भी गति प्रदान करेगा। राज्य स्तर पर इस योजना के तहत लाखों परिवारों को लाभ पहुंच चुका है, और बीजापुर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में ऐसी पहलें विकास की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायत के जरजर भवनों का भी स्थलीय जायजा लिया। इन पुरानी इमारतों को मजबूत बनाने के लिए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए, जो ग्रामीणों के लिए सामुदायिक सुविधाओं को और सुलभ बनाएंगे। ग्रामवासियों ने इस बैठक की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे उनके द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया, “पीएम आवास के तहत हमारा अधूरा घर जल्द पूरा होने की उम्मीद है। अधिकारियों का यह दौरा हमें नई ऊर्जा दे गया है।”
यह बैठक बीजापुर जिले के ग्रामीण विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है। सैचुरेशन अभियान के माध्यम से न केवल आवासीय सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी समग्र प्रगति सुनिश्चित होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि कोई भी लाभार्थी योजना से वंचित न रहे। ग्रामीण भारत के इस कोने से निकल रही यह सकारात्मक खबर पूरे राज्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

