*बीजापुर बिग ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़, खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा और पत्नी राजे ढेर! 6 नक्सलियों के शव बरामद, ग्रेहाउंड फोर्स का सर्चिंग ऑपरेशन जारी*

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*बीजापुर बिग ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़, खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा और पत्नी राजे ढेर! 6 नक्सलियों के शव बरामद, ग्रेहाउंड फोर्स का सर्चिंग ऑपरेशन जारी*

बीजापुर, 18 नवंबर 2025 (विशेष संवाददाता): छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की सीमा से सटे घने जंगलों में आज सुबह सुरक्षाबलों को अभूतपूर्व सफलता हाथ लगी है। आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर एर्राबोर थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच चली भीषण मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली कमांडर मादवी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे सहित कुल 6 नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं। यह 2025 की सबसे बड़ी एंटी-नक्सल कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें आंध्र प्रदेश की एलीट ग्रेहाउंड फोर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस की जॉइंट टीम ने अहम भूमिका निभाई।

सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई, जब ग्रेहाउंड कमांडो और डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की संयुक्त टीम को हिड़मा और उसके साथियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली। हिड़मा, जो पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर-1 का कमांडर था, पर केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। वह दंतेवाड़ा (2010), झीरम घाटी (2013) और सुकमा-बीजापुर (2021) जैसे खूनी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था, जिसमें सैकड़ों जवान शहीद हुए थे।

मुठभेड़ का लाइव अपडेट:*

गोलीबारी करीब 4 घंटे चली, जिसमें सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के छिपने के ठिकानों को घेर लिया।

अब तक 6 नक्सलियों के शव बरामद, जिनमें हिड़मा, राजे और 4 अन्य कैडर शामिल हैं। इनके पास से एक AK-47, दो INSAS राइफलें और भारी मात्रा में IED व विस्फोटक जब्त किए गए।

कोई जवान शहीद नहीं हुआ, लेकिन दो कमांडो को मामूली चोटें आईं।

ग्रेहाउंड फोर्स का सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है, क्योंकि इनपुट्स बताते हैं कि हिड़मा के कुछ और साथी जंगल में छिपे हो सकते हैं। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है।

*हिड़मा का अपराधी इतिहास:*

हिड़मा (उम्र 44 वर्ष), मूल रूप से सुकमा के पुवर्ती गांव का निवासी, 2000 के दशक से नक्सल संगठन में सक्रिय था। वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख सदस्य था और बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा का प्रतीक बन चुका था। उसके नेतृत्व में पीएलजीए ने दर्जनों हमले किए, जिसमें 2021 के तर्रेम हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। आंध्र प्रदेश पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी, और आज की कार्रवाई में ग्रेहाउंड फोर्स की सटीक खुफिया जानकारी ने कमाल कर दिखाया

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