*किरंदुल पुलिस का सतर्क अभियान: रफ्तार के कहर पर लगाम, बस स्टैंड पर 42 बाइक चालकों पर कार्रवाई*
किरंदुल (छत्तीसगढ़), 17 नवंबर 2025: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में किरंदुल पुलिस थाना प्रभारी ने एक सराहनीय कदम उठाया है। वाहनों की अंधाधुंध रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए रोजाना अलग-अलग जगहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को बस स्टैंड पर आयोजित विशेष चेकिंग में 42 दो-पहिया वाहनों के चालानों पर कार्रवाई की गई, जिससे स्थानीय निवासियों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
यह अभियान हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद तेज किया गया है। चार दिन पहले किरंदुल में दो बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में एक व्यक्ति की हादसे मे 2 दिनों बाद जान चली गई, जबकि दूसरा चालक किसी तरह बच गया। जांच में सामने आया कि यह हादसा तेज रफ्तार का शिकार था, जो सड़क पर मौत का पैगाम बन गया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। उसके बाद किरंदुल पुलिस ने तुरंत ‘रफ्तार पर ब्रेक’ नामक विशेष अभियान की शुरुआत की, जो अब निरंतर रूप से जारी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि यह चेकिंग अभियान न केवल चालान काटने तक सीमित है, बल्कि चालकों को जागरूक करने का माध्यम भी है। “हमारा उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि जीवन बचाना है। रफ्तार के कारण होने वाले हादसे रोकने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्थानों पर चेकिंग टीम तैनात करना इसलिए जरूरी था, क्योंकि यहां पैदल यात्री और यातायात का दबाव अधिक रहता है,” उन्होंने कहा। अभियान के तहत अब तक सैकड़ों वाहनों की जांच हो चुकी है, और चालान के साथ-साथ हेलमेट न पहनने, बिना लाइसेंस चलाने जैसे उल्लंघनों पर भी सख्ती की जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना की है। बस स्टैंड के पास दुकान चलाने वाले राजेश सिन्हा ने कहा, “पुलिस का यह कदम स्वागतयोग्य है। पहले रफ्तार के कारण छोटे-मोटे हादसे आम थे, लेकिन अब चेकिंग से चालक सतर्क हो गए हैं।” इसी तरह, एक युवा चालक ने बताया कि चेकिंग के दौरान उन्हें रफ्तार के खतरों के बारे में सलाह दी गई, जो उनके लिए सबक साबित हुई।
किरंदुल पुलिस का यह अभियान सड़क सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आने वाले दिनों में यह अभियान और विस्तारित होगा, जिसमें स्कूलों और बाजारों के आसपास विशेष फोकस किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि पूरे समुदाय में सुरक्षा संस्कृति का विकास होगा।
सभी चालकों से अपील है: रफ्तार पर काबू रखें, जीवन बचाएं। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क करें।

