*धान खरीदी महापर्व: बीजापुर में किसानों का उत्साह, 18,978 पंजीकृत किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य पर लाभ*
बीजापुर, 15 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में धान खरीदी का महापर्व धूमधाम से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी योजना के तहत जिले के 30 उपार्जन केंद्रों पर आज से खरीदी प्रक्रिया चालू हो चुकी है, जो किसानों के लिए राहत और उत्सव का प्रतीक बनी हुई है। नैमेड़ के धान खरीदी केंद्र पर आयोजित जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किसानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रही स्थानीय किसान सदावीर सलाम, जिन्होंने 20 क्विंटल धान लेकर खरीदी की शुभ ‘बोहनी’ की। कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा और अन्य अतिथियों ने उन्हें तिलक लगाकर, पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। सदावीर ने कहा, “यह हमारे लिए त्योहार जैसा है। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान बिक्री से परिवार को आर्थिक मजबूती मिलेगी।” अन्य किसानों ने भी प्रसन्नता जताई, इसे ‘किसान उत्सव’ करार दिया।
*सुगम और पारदर्शी प्रक्रिया: किसानों की चिंताओं का अंत*
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने संबोधन में किसानों से अपील की, “टोकन जल्द कटवाएं और समय पर धान लाएं। मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि हर किसान को बिना झंझट के लाभ मिले।” उन्होंने बताया कि जिले में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं—माइक्रो एटीएम से तत्काल भुगतान, ‘टोकन तुहर दुआर’ सुविधा और सतर्क ऐप से रीयल-टाइम निगरानी। चेकपोस्ट पर सख्ती और प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारियों की तैनाती से धांधली की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
प्रभारी खाद्य अधिकारी दिलीप उइके ने साझा किया, “पिछले साल 20,643 पंजीकृत किसानों में 87% ने 11 लाख से अधिक क्विंटल धान बेचा, जिसका भुगतान 275 करोड़ रुपये से ज्यादा का किया गया। इस बार 18,978 किसानों ने 40,528 हेक्टेयर रकबे पर पंजीयन कराया है। 24 समितियों के जरिए खरीदी सुचारू रूप से चलेगी।” यह आंकड़े न केवल किसानों के विश्वास को दर्शाते हैं, बल्कि राज्य सरकार की कृषि-केंद्रित नीतियों की सफलता का प्रमाण भी हैं।
*जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका*
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, एसडीएम जागेश्वर कौशल, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे और मैथ्यूज कुजूर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान को न्यूनतम परेशानी हो। यह महापर्व न केवल धान खरीदी है, बल्कि किसान सशक्तिकरण का प्रतीक है।”
बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल जिले में यह पहल ग्रामीण विकास को नई गति देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी खरीदी से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है, जो छत्तीसगढ़ की ‘कृषि क्रांति’ को मजबूत करेगी। जिला प्रशासन ने किसानों को हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि कोई समस्या न रहे।
यह धान खरीदी महापर्व निश्चित रूप से बीजापुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा, और राज्य स्तर पर एक मिसाल कायम करेगा। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी उपार्जन केंद्र या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

