*स्मार्ट मीटर योजना: किरंदुल में बिजली विभाग की पहल से उपभोक्ताओं को मिलेगी सटीक बिलिंग और सुविधा*
रायपुर/दंतेवाड़ा, 18 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली वितरण को और अधिक कुशल बनाने के लिए चल रही स्मार्ट मीटरिंग परियोजना अब तेजी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फैल रही है। किरंदुल नगर पालिका क्षेत्र में स्मार्ट मीटरों की स्थापना को लेकर हाल ही में उठे सवालों का स्पष्ट जवाब देते हुए, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी शैलेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि यह काम भारत सरकार की योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा किया जा रहा है। यह पहल न केवल बिजली चोरी को रोकेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित करेगी, जिससे उनकी जेब पर बोझ कम होगा।
सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक (ईआईटीसी) द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र (क्रमांक 07-01/ई.आई.टी.सी./675, दिनांक 2 जुलाई 2024) में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना के तहत मीटर रिप्लेसमेंट कार्य की विस्तृत जानकारी दी गई है। पत्र के अनुसार, एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर (एएमआईएसपी) द्वारा यह कार्य रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के पैकेज 1, 2 और 3 के तहत किया जा रहा है। मुख्य रूप से, मीटर रिप्लेसमेंट को “फॉलो द मीटर रीडर कॉन्सेप्ट” पर आधारित रखा गया है, जिसमें बिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद स्मार्ट मीटर लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी उपभोक्ता का बिल 7 तारीख को जारी होता है, तो मीटर रिप्लेसमेंट 8 या 9 तारीख को किया जाना चाहिए।
पत्र में जोर दिया गया है कि क्षेत्रीय अभियंताओं और वितरण केंद्रों द्वारा इस प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाए, ताकि बिलिंग में कोई गड़बड़ी न हो। साथ ही, एसएपी सिस्टम में डेटा अपडेट को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे स्पॉट बिलिंग डेटा डाउनलोड में सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके। यह कदम पुराने मीटरों से होने वाली त्रुटियों को दूर करेगा और बिजली की खपत को रीयल-टाइम ट्रैक करने में मदद करेगा।
किरंदुल नगर पालिका अध्यक्ष रूबी शैलेंद्र सिंह ने कार्यपालन यंत्री दंतेवाड़ा से हुई चर्चा का जिक्र करते हुए कहा, “नगर पालिका किरंदुल क्षेत्र में जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वह भारत सरकार की योजना के अंतर्गत हैं। दंतेवाड़ा के कार्यपालन यंत्री ने स्पष्ट किया कि घरों में लगने वाले ये स्मार्ट मीटर हमारे बिजली विभाग द्वारा ही स्थापित किए जा रहे हैं।” सिंह ने इस पहल को उपभोक्ता-अनुकूल बताते हुए कहा कि इससे बिजली बिलों में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक विवाद कम होंगे। किरंदुल जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में यह योजना विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी, जहां बिजली पहुंच अभी भी चुनौतीपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना आरडीएसएस का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य भर में लाखों मीटरों को अपग्रेड किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिजली वितरण की दक्षता बढ़ाएगी, चोरी रोकेगी और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगी, क्योंकि सटीक मॉनिटरिंग से ऊर्जा बचत होगी। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के तहत अब तक कई जिलों में मीटर रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, और किरंदुल में यह कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे मीटर रिप्लेसमेंट के दौरान सहयोग करें और किसी भी संदेह की स्थिति में स्थानीय बिजली कार्यालय से संपर्क करें। यह पहल छत्तीसगढ़ को डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम आगे ले जा रही है, जहां बिजली जैसी बुनियादी सुविधा अब स्मार्ट और विश्वसनीय बन रही है।

