*दंतेवाड़ा में तेज फर्राटेदार बुलेट और मॉडिफाई साइलेंसर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई: चालक रमेश कुमार पर 11,100 रुपये का जुर्माना*

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*दंतेवाड़ा में तेज फर्राटेदार बुलेट और मॉडिफाई साइलेंसर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई: चालक रमेश कुमार पर 11,100 रुपये का जुर्माना*

जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया है। हाल ही में एक बुलेट चालक रमेश कुमार, निवासी बचेली, पर अवैध रूप से मॉडिफाई साइलेंसर के साथ तेज गति से बुलेट चलाने के लिए माननीय न्यायालय द्वारा 11,100 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई न केवल यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से की गई है।

*घटना का विवरण*

दिनांक 9 जुलाई 2025 को रमेश कुमार, जो कि बुलेट वाहन (क्रमांक: CG 18 Q 2554) का चालक है, दंतेवाड़ा शहर में अवैध रूप से मॉडिफाई साइलेंसर के साथ तेज गति से बुलेट चला रहा था। इस साइलेंसर की कर्कश और फर्राटेदार आवाज ने न केवल आम जनता को परेशान किया, बल्कि ध्वनि प्रदूषण को भी बढ़ावा दिया। यातायात पुलिस दंतेवाड़ा, जो कि नियमित रूप से शहर के प्रमुख चौक जैसे SBI चौक, जय स्तंभ चौक और रेलवे फाटक पर ड्यूटी पर तैनात रहती है, ने रमेश को रोकने की कोशिश की। लेकिन चालक ने पुलिस के निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए तेज गति से कट मारकर भागने की कोशिश की।

यातायात प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए परदेशी होटल आवँराभाठा के पास चालक को पकड़ लिया। रमेश के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट (एम. व्ही. एक्ट) की धारा 182(ए)(4), 3/181, 129/194(डी), और 130(3)/177 के तहत कार्रवाई की गई। इसके बाद, 10 जुलाई 2025 को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय ने 11,100 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, अवैध मॉडिफाई साइलेंसर को हटाकर वाहन में मूल (ऑरिजिनल) साइलेंसर लगवाया गया और फिर बुलेट को चालक के सुपुर्द किया गया।

*यातायात पुलिस की सक्रियता और जागरूकता अभियान*

जिला दंतेवाड़ा में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यातायात पुलिस सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यातायात प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद कुमार साहू और उनकी टीम नियमित रूप से शहर के विभिन्न हिस्सों में मोटरसाइकिल चेकिंग पॉइंट (MCP) लगाकर वाहनों की जांच कर रही है। इसके साथ ही, आम जनता को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए समझाईश और चालानी कार्रवाई दोनों की जा रही हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री गौरव रॉय ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। मॉडिफाई साइलेंसर जैसी गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि ये ध्वनि प्रदूषण और सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बनती हैं।”

*मॉडिफाई साइलेंसर: ध्वनि प्रदूषण और खतरे का कारण*

मॉडिफाई साइलेंसर का उपयोग न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह ध्वनि प्रदूषण का प्रमुख कारण भी है। तेज फर्राटेदार आवाज से आसपास के लोग परेशान होते हैं, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और मरीज। इसके अलावा, तेज गति से वाहन चलाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

*यातायात पुलिस की अपील*

यातायात पुलिस दंतेवाड़ा ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मॉडिफाई साइलेंसर का उपयोग न करें। यदि किसी वाहन में पहले से मॉडिफाई साइलेंसर लगा है, तो उसे तुरंत हटाकर मूल साइलेंसर लगवाएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यातायात पुलिस ने कहा, “हम आपके साथ हैं, लेकिन नियमों का पालन करना आपकी जिम्मेदारी है। आइए, मिलकर दंतेवाड़ा को सुरक्षित और शांत बनाएं।”

*निष्कर्ष* रमेश कुमार पर लगाया गया 11,100 रुपये का जुर्माना न केवल एक चेतावनी है, बल्कि यह दर्शाता है कि यातायात पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कितनी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। यह घटना युवाओं के लिए एक सबक है कि स्टाइल के चक्कर में नियम तोड़ना भारी पड़ सकता है। दंतेवाड़ा पुलिस का यह प्रयास न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद करेगा।

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