*किरंदुल नगरपालिका की सराहनीय पहल: अवैध सेफ्टी टैंक सफाई पर 10 हजार का चालान*
किरंदुल, 24 जून 2025: किरंदुल नगरपालिका ने स्वच्छता और नियमों के पालन में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आंध्रप्रदेश से आई एक सेफ्टी क्लीनर गाड़ी (AP 36 TB 1328) पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह गाड़ी बिना अनुमति के किरंदुल में सेफ्टी टैंक की सफाई कर रही थी, जो नगरपालिका के नियमों का उल्लंघन है।
नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने बताया कि उक्त गाड़ी पहले भी कई बार बिना अनुमति के सफाई कार्य कर चुकी थी। नियमों के अनुसार, किसी भी नगरपालिका, नगर निगम या पंचायत क्षेत्र में सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है। किरंदुल में पहले से ही नगरपालिका की सेफ्टी क्लीनर गाड़ी उपलब्ध है, जिसके बावजूद इस तरह की अवैध गतिविधियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था को भी चुनौती देती हैं।
जब गाड़ी के चालक से पूछताछ की गई, तो उसने बताया कि उनकी गाड़ी दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे पड़ोसी जिलों में भी सफाई कार्य के लिए जाती है। इससे यह सवाल उठता है कि अन्य जिलों की पालिकाओं और पंचायतों को भी ऐसे वाहनों पर कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
*नगरपालिका की कार्रवाई क्यों है सराहनीय?*
किरंदुल नगरपालिका की यह कार्रवाई न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करती है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। अवैध सफाई गाड़ियां अक्सर अपशिष्ट का अनुचित निपटान करती हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता है। किरंदुल नगरपालिका ने समय रहते इस गैरकानूनी गतिविधि पर अंकुश लगाकर एक मिसाल कायम की है।
*आगे की जरूरत*
यह घटना अन्य स्थानीय निकायों के लिए भी एक सबक है। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में भी ऐसी गाड़ियों पर नजर रखने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की जरूरत है। साथ ही, आम जनता को भी चाहिए कि वे सेफ्टी टैंक सफाई के लिए केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं का ही उपयोग करें।
किरंदुल नगरपालिका की इस पहल ने न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई है, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित शहर की दिशा में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है। यह कार्य निश्चित रूप से अन्य प्रशासनों के लिए प्रेरणादायक है।



