*किरंदुल में नाली के ऊपर अवैध निर्माण का खुला खेल: पूनम मिस्ठान भंडार की तीन मंजिला इमारत, नगरपालिका की नोटिस बेअसर*
किरंदुल, 13 जून 2025: छत्तीसगढ़ के किरंदुल में नगरपालिका की नाक के नीचे अवैध निर्माण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगरपालिका द्वारा अवैध निर्माण को रोकने के लिऐ 19-3-2025 से बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद, मुख्य मार्ग पर स्थित पूनम मिस्ठान भंडार द्वारा एक बड़ी नाली के ऊपर तीन मंजिला इमारत का निर्माण धड़ल्ले से जारी है। यह मामला न केवल नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
*नगरपालिका की नोटिस और उसकी अनदेखी*
किरंदुल नगरपालिका ने कुछ समय पहले अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी भवन मालिकों को निर्माण रोकने और भवन अनुज्ञा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश जारी किया था। नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, पूनम मिस्ठान भंडार के मालिक ने इस नोटिस को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। सूत्रों के अनुसार, अब तक इस दुकान के मालिक ने न तो भवन अनुज्ञा प्रमाणपत्र लिया है और न ही निर्माण कार्य रोका है।
यह दुकान मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहां नगरपालिका के अधिकारी, कर्मचारी, और स्थानीय नगरपालिका अध्यक्ष व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष वर्त्तमान मे नगरपालिका अध्यक्ष पति एवं पार्षदों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद, इस अवैध निर्माण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह स्थिति न केवल नगरपालिका की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि कुछ प्रभावशाली लोग नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।
*नाली पर निर्माण: बारिश ने खोली पोल*
19 मई 2025 को किरंदुल में हुई 45 मिनट की भारी बारिश ने इस अवैध निर्माण की पोल खोल दी। बारिश के दौरान पूनम मिस्ठान भंडार के अंदर पानी नाले की तरह बहता हुआ दिखाई दिया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगरपालिका को जिम्मेदार ठहराया और नालियों की सफाई की मांग की। जब नगरपालिका ने नालियों की जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पूनम मिस्ठान भंडार के मालिक ने नाली के ऊपर ही अपनी दुकान का निर्माण कर लिया है, जिसके कारण नाली पूरी तरह बंद हो गई है।
वर्तमान में, उसी नाली के ऊपर तीन मंजिला इमारत का निर्माण जोरों पर है। यह स्थिति न केवल जल निकासी की समस्या को बढ़ा रही है, बल्कि बारिश के मौसम में सड़कों और आसपास के घरों में पानी भरने का कारण भी बन रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब नालियों के ऊपर ही मकान बनाए जाएंगे, तो बारिश का पानी दुकानों, घरों, और सड़कों पर ही बहेगा, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*नगरपालिका की चुप्पी और जनता का गुस्सा*
पूनम मिस्ठान भंडार का यह अवैध निर्माण मुख्य मार्ग पर होने के बावजूद नगरपालिका की नजरों से ओझल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्माण नगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। वार्ड नंबर 1 में पहले भी नालियों के ऊपर अवैध निर्माण के मामले सामने आए थे, लेकिन मुख्य बाजार में इतने बड़े पैमाने पर हो रहा यह निर्माण अब तक छिपा हुआ था। बारिश की पहली बौछार ने ही इसकी हकीकत को उजागर कर दिया।
स्थानीय निवासी राजेश साहू ने गुस्से में कहा, “नगरपालिका हर साल नालियों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन जब नालियों के ऊपर ही मकान बन रहे हैं, तो सफाई का क्या फायदा? यह सब अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा है।” एक अन्य निवासी, शांति देवी ने बताया, “हर बारिश में हमारा मोहल्ला जलमग्न हो जाता है। अब पता चला कि नाली ही बंद कर दी गई है। नगरपालिका को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
*”क्या होगी कार्रवाई, या फिर राजनीति की भेंट चढ़ेगा मामला?*
इस मामले ने किरंदुल में नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नगरपालिका इस अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, या यह मामला भी राजनीतिक दबाव और प्रभावशाली लोगों की सांठगांठ की भेंट चढ़ जाएगा? सूत्रों के अनुसार, नगरपालिका ने पहले भी कई बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
पिछले कुछ वर्षों में, नगरपालिका ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए बुलडोजर चलाने और इमारतें सील करने जैसे कदम उठाए हैं, जैसा कि मध्यप्रदेश के इंदौर में एक बहुमंजिला इमारत को विस्फोटक से ढहाने का उदाहरण सामने आया है। लेकिन किरंदुल में इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
*नागरिकों की मांग: सख्त कार्रवाई*
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पूनम मिस्ठान भंडार के इस अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए और नाली को मुक्त किया जाए। साथ ही, वे चाहते हैं कि नगरपालिका इस मामले में पारदर्शी जांच करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। पर्यावरणविदों का कहना है कि नालियों पर अवैध निर्माण न केवल जल निकासी की समस्या पैदा करता है, बल्कि शहर की बुनियादी संरचना को भी नुकसान पहुंचाता है।
*नगरपालिका के सामने चुनौती*
किरंदुल नगरपालिका के सामने अब यह चुनौती है कि वह इस मामले में अपनी विश्वसनीयता को बनाए रखे। क्या वह पूनम मिस्ठान भंडार के इस अवैध निर्माण को रोक पाएगी, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दब जाएगा? स्थानीय लोगों की नजर अब नगरपालिका के अगले कदम पर टिकी है। यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो यह नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर एक और दाग लगाएगा।
*निष्कर्ष:* किरंदुल में पूनम मिस्ठान भंडार का यह अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि शहर की जल निकासी व्यवस्था और जनता की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। नगरपालिका को चाहिए कि वह तत्काल इस निर्माण को रोके, नाली को मुक्त करे, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। यह समय है कि नगरपालिका अपनी जिम्मेदारी निभाए और शहर के हित में ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामले दोबारा न हों।क्या किरंदुल नगरपालिका इस बार सख्ती दिखाएगी, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह सवाल हर किरंदुलवासी के मन में है।



