*दंतेवाड़ा के योगासन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ का बढ़ाया मान*
किरंदुल/दंतेवाड़ा, 04 जनवरी 2026: आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले के प्रतिभाशाली योगासन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया है। 6वीं राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26 में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए इन खिलाड़ियों ने कड़ी टक्कर देते हुए फाइनल और सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।
यह प्रतियोगिता महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में आयोजित हुई, जिसमें देश भर के 27 राज्यों के सैकड़ों खिलाड़ियों ने भाग लिया। दंतेवाड़ा और किरंदुल के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और समर्पण से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:
श्रीमती शशिकला मिश्रा (किरंदुल): इंडिविजुअल कैटेगरी में फाइनल राउंड तक पहुंचकर 6ठा स्थान हासिल किया।
श्री नरोत्तम सिंह ध्रुव (किरंदुल): इंडिविजुअल कैटेगरी में सेमीफाइनल तक का सफर, 11वां स्थान।
श्री गोरख नाथ यादव (दंतेवाड़ा): फॉरवर्ड बैंडिंग इंडिविजुअल में फाइनल राउंड में 5वां स्थान और ट्रेडिशनल ऑल योगासन में भी फाइनल में 5वां स्थान।
मा. सुशांत यादव (किरंदुल): फॉरवर्ड बैंडिंग इंडिविजुअल सेमीफाइनल में 17वां स्थान।
प्रतियोगिता से लौटने पर किरंदुल में बैलाडीला योग समिति की ओर से खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। माता दंतेश्वरी की आरती और पुष्पवर्षा के साथ श्रीमती शशिकला मिश्रा, श्री नरोत्तम ध्रुव, श्री गोरख नाथ यादव एवं मास्टर सुशांत यादव का आत्मीय अभिनंदन हुआ। इस अवसर पर समिति के महासचिव श्री जितेंद्र गुप्ता, सह-कोषाध्यक्ष श्री कोमल सिन्हा, वरिष्ठ कोच डॉ. मांडी सर, कोच श्री संतोष कलिया, योग शिक्षिका श्रीमती दुमेश्वरी साहू, योग शिक्षक श्री बबलू तिवारी सहित कई नन्हे योग साधक और सदस्य उपस्थित रहे।
समिति महासचिव श्री जितेंद्र गुप्ता ने कहा, “ये प्रतिभाशाली खिलाड़ी योग के माध्यम से दंतेवाड़ा और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। हम उनसे भविष्य में भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं।”
यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र में योग के प्रचार-प्रसार और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला योगासन स्पोर्ट्स दंतेवाड़ा के अध्यक्ष श्री भगत राम साहू एवं सचिव श्री छबील साहू ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

