*किरंदुल वार्ड नंबर 6 में सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण का खुला खेल, नगरपालिका की चुप्पी पर उठे सवाल*
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 02 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगरपालिका क्षेत्र में सरकारी संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण का सिलसिला जोरों पर है। विशेष रूप से वार्ड नंबर 6 में नालियों, रास्तों और अन्य सार्वजनिक भूमि पर लोग बेधड़क कब्जा कर रहे हैं, जबकि नगरपालिका प्रशासन मौन साधे बैठा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगरपालिका की इस ‘कुंभकरण नींद’ के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
सूत्रों के अनुसार, वार्ड 6 में एक व्यक्ति धर्मेंद्र गुप्ता द्वारा सरकारी संपत्ति को तोड़कर दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ महीने पहले नगरपालिका के मुख्य अधिकारी ने इस निर्माण पर नोटिस जारी कर काम रुकवाया था, लेकिन पिछले दो दिनों से फिर से धड़ल्ले से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मुख्य अधिकारी का दावा है कि यह जमीन पट्टे पर है और किसी आदिवासी के नाम दर्ज है।
इस दावे पर बड़ा सवाल उठता है कि यदि जमीन आदिवासी की है, तो गैर-आदिवासी व्यक्ति धर्मेंद्र गुप्ता इसे कैसे खरीद सकता है? छत्तीसगढ़ में आदिवासी भूमि की खरीद-बिक्री पर सख्त कानूनी प्रतिबंध हैं, जो गैर-आदिवासी व्यक्तियों को ऐसी जमीन हस्तांतरित करने से रोकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति है, तो इसका अतिक्रमण स्पष्ट रूप से अवैध है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे अतिक्रमणों को नजरअंदाज करने या नोटिस देकर छोड़ देने के बदले कुछ मामलों में अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे अतिक्रमण का खेल और बढ़ावा मिल रहा है। वार्ड 6 में न केवल नालियां और रास्ते ब्लॉक हो रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है, जिससे जलभराव और आवागमन की समस्याएं बढ़ रही हैं।
नगरपालिका मुख्य अधिकारी से इस मामले पर स्पष्ट जवाब मांगा गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी। निवासियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।
यह मामला छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल क्षेत्र में भूमि अधिकारों और प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर समस्या को उजागर करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे अतिक्रमण पूरे क्षेत्र में फैल सकते हैं। प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द ही इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
