*दंतेवाड़ा पुलिस को साइबर ठगी मामले में बड़ी सफलता: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख की ठगी का खुलासा*
दंतेवाड़ा, 28 दिसंबर 2025: दंतेवाड़ा पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक बड़े मामले में शानदार सफलता हासिल की है। पुलिस ने बिहार राज्य से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो किरंदुल निवासी एक व्यक्ति से पार्सल में विदेशी मुद्रा होने का झांसा देकर कस्टम चार्ज, सीबीआई चार्ज और इनकम टैक्स के नाम पर ठगी कर रहे थे।
यह ठगी वर्ष 2023 में हुई थी, जिसमें पीड़ित से एक महीने में करीब 50 लाख रुपये ऐंठ लिए गए थे। पीड़ित की शिकायत पर थाना किरंदुल में अपराध क्रमांक 87/2023 के तहत धारा 420 भादवि और 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन और साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के पर्यवेक्षण में जांच आगे बढ़ी। दंतेवाड़ा साइबर सेल और किरंदुल पुलिस की संयुक्त टीम ने फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस तथा साइबर फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल कर 100 से अधिक बैंक अकाउंट्स के ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। इससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
निरीक्षक धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में टीम बिहार भेजी गई, जहां से निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
अरविंद कुमार (पिता दीपक चौधरी), उम्र 25 वर्ष, निवासी बंगाली कॉलोनी, गली नंबर 03, छौतौनी, थाना छौतौनी, जिला पूर्वी चंपारण (बिहार)।
विद्या कुमार (पिता राजेंद्र साहनी), उम्र 23 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 12, शिव मंदिर के पास, जौकटिया, थाना मझौलिया, जिला पश्चिम चंपारण (बिहार)।
आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। कार्यवाही में निरीक्षक धनंजय सिन्हा, सउनि पंकज धर, सउनि अनिल पांभोई सहित अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दंतेवाड़ा पुलिस लगातार लोगों को साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। बैंकिंग फ्रॉड, पार्ट टाइम जॉब धोखाधड़ी, ओटीपी या लिंक शेयर न करने जैसे मुद्दों पर जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।
यह सफलता दंतेवाड़ा पुलिस की तकनीकी दक्षता और सतर्कता का प्रमाण है, जो अंतरराज्यीय साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

