*ब्रेकिंग न्यूज़ : किरंदुल में वन विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और बिक्री का बड़ा घोटाला उजागर!*
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 11 दिसंबर 2025
बस्तर संभाग के किरंदुल शहर के वार्ड क्रमांक 1, बंगाली कैंप (चर्च के ठीक पीछे) में वन विभाग की सैकड़ों वर्गफुट खाली सरकारी जमीन को कुछ कथित सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि मिलकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक-एक प्लॉट को 3 लाख से 4 लाख रुपये तक में बेचा जा रहा है, जबकि यह जमीन पूरी तरह वन विभाग की है और इस पर कोई भी निजी मालिकाना हक कानूनी रूप से संभव नहीं है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि :
जिस जगह पर यह अवैध सौदे हो रहे हैं, वहां से महज 300 मीटर की दूरी पर ही वन विभाग का अधिकारी-कर्मचारी आवास और डिपो स्थित है।
इसके बावजूद वर्षों से यह खेल बेखौफ चल रहा है।
अब तक इस सरकारी जमीन को कई टुकड़ों में काटकर आम नागरिकों को बेचा जा चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खरीददारों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि “यह हमारी निजी जमीन है, कोई दिक्कत नहीं आएगी”। लेकिन हकीकत में ये प्लॉट वन भूमि पर बनाए जा रहे हैं, जिस पर कभी भी वन विभाग कार्रवाई कर कब्जा खाली करवा सकता है। ऐसे में जो लोग लाखों रुपये देकर प्लॉट खरीद रहे हैं, उनकी गाढ़ी कमाई डूबने का खतरा मंडरा रहा है।
सवाल कई हैं :
वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इतनी नजदीक रहते हुए भी इस अवैध कब्जे और बिक्री पर चुप्पी क्यों साधे हैं?
क्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का संरक्षण इस खेल को चलाने में मदद कर रहा है?
आखिर वन विभाग कब तक “अंधा बना रहेगा” और कब इन धड़ल्ले से चल रहे अवैध सौदों पर कार्रवाई करेगा?
जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है
बंगाली कैंप और आसपास के इलाके के लोग इस मामले को लेकर बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर प्लॉट खरीद रहे हैं, लेकिन बाद में जब वन विभाग कार्रवाई करेगा तो ये सब बेघर हो जाएंगे।
हमारी अपील
यह मामला न सिर्फ अवैध अतिक्रमण का है, बल्कि सरकारी जमीन की लूट और आम जनता को ठगने का भी है। हम जिला प्रशासन, वन विभाग के डीएफओ और पुलिस महकमे से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हैं। साथ ही उन सभी खरीददारों से भी अपील करते हैं कि इस तरह के संदिग्ध सौदों से बचें और जमीन की वैधता का पूरा दस्तावेजी प्रमाण जरूर देख लें।
क्या आप भी इस इलाके में रहते हैं या आपके पास इस घोटाले से जुड़ी कोई और जानकारी/सबूत हैं?
तो हमें तुरंत संपर्क करें। आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सी ज़ी संविधान न्यूज़ छत्तीसगढ़
