*किरंदुल : दिव्यांग दिवस पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) ने किया हृदयस्पर्शी एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम*
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 3 दिसंबर। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) किरंदुल ने यूनियन सदन में एक अत्यंत संवेदनशील, गरिमामय और प्रेरणा से भरपूर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। यूनियन अध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप और सचिव ए.के. सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग कर्मियों के सम्मान, अधिकारों, सुरक्षा और समान अवसरों को मजबूत करना तथा कार्यस्थल व समाज में समावेशी माहौल बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांग साथियों का पुष्प-वर्षा और कलम भेंट कर हार्दिक स्वागत से हुई। यूनियन पदाधिकारियों ने उनके लगन, निष्ठा, कौशल और संगठन के प्रति अमूल्य योगदान की भरपूर सराहना की। सचिव ए.के. सिंह ने कहा, “हमारे दिव्यांग कर्मियों का जज्बा, प्रतिबद्धता और हौसला पूरे संगठन के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।”
सभी उपस्थित सदस्यों ने दिव्यांग साथियों के साहस और कार्यकुशलता को सम्मान देते हुए दो मिनट तक खड़े होकर ज़ोरदार तालियाँ बजाईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह दृश्य पूरे सभागार को भावुक कर गया।
कार्यक्रम में दिव्यांग कर्मियों की कार्य-परिस्थितियों, दैनिक चुनौतियों और आवश्यक सुविधाओं पर गंभीर चर्चा हुई। यूनियन ने घोषणा की कि शीघ्र ही कार्यस्थल पर निम्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी:
सुगम पहुंच (रैम्प, लिफ्ट आदि)
उन्नत सुरक्षा उपकरण
आवश्यक सहायता उपकरण
विशेष मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण
दिव्यांग-अनुकूल बेहतर कार्य वातावरण
अध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप ने कहा, “दिव्यांगता कोई कमी नहीं, बल्कि अदम्य साहस, अनोखी क्षमता और जीवटता का जीता-जागता प्रमाण है।” उन्होंने सभी कर्मियों से संवेदनशीलता और समानता की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।
यूनियन ने दोहराया कि दिव्यांग साथियों के अधिकारों की रक्षा, कल्याण और उत्थान के लिए हर प्रयास को निरंतरता दी जाएगी।
कार्यक्रम में यूनियन पदाधिकारी, सदस्य, नव-नियुक्त कर्मचारी, ठेका श्रमिक, गार्ड कर्मी और बड़ी संख्या में महिला सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन कार्यालय सचिव रविश तिवारी ने और धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष जियाउल हसन ने किया।
यह आयोजन न केवल दिव्यांग कर्मियों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि पूरे NMDC किरंदुल परियोजना के लिए समावेशी और सकारात्मक कार्य संस्कृति का एक नया उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

