*किरंदुल (दंतेवाड़ा) : बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 69वीं महापरिनिर्वाण दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि*
किरंदुल, 6 दिसंबर 2025
नागार्जुन बुद्ध विहार, किरंदुल (दंतेवाड़ा जिला) में आज डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की 69वीं महापरिनिर्वाण दिवस बड़े ही श्रद्धा और भावुक माहौल में मनाई गई। सैकड़ों बहुजन समाज के लोग एकत्रित हुए और बाबा साहब को अश्रुपूरित श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध वंदना और “नमो बुद्धाय, जय भीम” के जयघोष से हुई। इसके बाद बाबा साहब के जीवन और उनके संघर्षों को याद करते हुए एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की गई, जिसमें उन्हें “बहुजनो के विधाता, सबके मुक्तिदाता, वंचितों की ढाल, ज्ञान की मिशाल, नारी उद्धारक, समाज सुधारक, मनुस्मृति के नाशक, संविधान निर्माता और इंसानियत के पहरी” जैसे शब्दों से याद किया गया।
वक्ताओं ने बाबा साहब को निडर-निर्भीक, उच्च कोटि के विद्वान, अर्थशास्त्र के जानकार, गोलमेज सम्मेलन के नेता, बौद्ध धर्म के उपासक और जातिवाद के सबसे बड़े दुश्मन के रूप में याद किया। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी-बहुजन क्षेत्र में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आज भी बाबा साहब का दिया हुआ संविधान ही देश में समता, स्वतंत्रता और बंधुता की गारंटी है। किरंदुल जैसे दूरस्थ इलाके में भी उनके विचारों का दीया जल रहा है, यह अपने आप में बाबा साहब की जीत है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और संकल्प लिया कि “शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित रहो” के उनके मूलमंत्र पर चलते हुए समाज को आगे बढ़ाएंगे।
नागार्जुन बुद्ध विहार के संयोजकों ने बताया कि हर साल 6 दिसंबर को यहां बाबा साहब की पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई जाती है और आने वाले वर्षों में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
जय भीम! जय भारत! जय संविधान!
रिपोर्ट : सी ज़ी संविधान न्यूज़ , किरंदुल दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़

