किरंदुल में पार्षद का मौत का महल: हाईटेंशन तार कमरे में कैद, नाली पर खड़ी 3 मंजिला इमारत – अवैध निर्माण पर नोटिस भी ठेंगा!

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विश्व का सबसे खतरनाक और अवैध घर: किरंदुल वार्ड-8 में पार्षद राजकुमार सोनी ने बिजली के हाईटेंशन तारों को कमरे में कैद कर और नगरपालिका की नाली को कब्जा कर बनाया ‘मौत का महल’ – आकाश से धरती तक अतिक्रमण की दबंगई, गिनीज बुक में मौत का विश्व रिकॉर्ड दर्ज होने लायक!

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 04 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की कुबेर नगरी किरंदुल के वार्ड नंबर 8 में पार्षद राजकुमार सोनी की दबंगई अब नए पर्दाफाश के साथ और भी घिनौनी साबित हो रही है। पहले तो उन्होंने आकाश में बिजली के हाईटेंशन तारों पर अतिक्रमण कर तारों को अपने कमरों के बीचों-बीच कैद कर मौत को आमंत्रण दिया, और अब नीचे धरती पर भी नगरपालिका की नाली को पूरी तरह कब्जा कर 3 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। यह घर नहीं, मौत का जाल है – जहां ऊपर से 440 वोल्ट का करंट दौड़ रहा है और नीचे से नाली का पानी रिसाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं, “यह विश्व का सबसे खतरनाक घर है, गिनीज बुक में नाम दर्ज होना चाहिए – ‘मौत के बीच बने घर का विश्व रिकॉर्ड’। राष्ट्रपति सम्मान की बजाय इन्हें जेल में डालो!”

यह घटना न केवल कानून की खुली अवहेलना है, बल्कि जनता की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को भी दांव पर लगा रही है। CSPDCL और नगरपालिका के नोटिसों को ठेंगा दिखाकर पार्षद महोदय ने साबित कर दिया कि सत्ता का नशा नियमों से ऊपर है। आइए इस पूरे काले सच का पर्दाफाश करते हैं, जहां आकाश से धरती तक अतिक्रमण की कहानी है।

*पार्षद की दबंगई का डबल अटैक: आकाश में तारों पर कब्जा, धरती पर नाली पर निर्माण*

पार्षद राजकुमार सोनी ने अपने नवनिर्मित मकान में दोतरफा अतिक्रमण किया है। ऊपर आकाश में: 440 वोल्ट की लो-वोल्टेज लाइन के तारों को कमरे के ठीक बीचों-बीच से गुजारकर दीवारें खड़ी कर दीं। तारों पर प्लास्टिक पाइप डालकर छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन यह भी अवैध है। CSPDCL के जूनियर इंजीनियर ने 6 अक्टूबर 2025 को नोटिस जारी कर भारतीय विद्युत नियम 1956 (अब CEA सुरक्षा विनियम 2023 से प्रतिस्थापित) के नियम 79 और 80 का हवाला दिया था। नियमों के मुताबिक, ओवरहेड लाइनों से इमारतों की न्यूनतम दूरी – 2.5 मीटर ऊर्ध्वाधर और 1.2 मीटर क्षैतिज – सुनिश्चित होनी चाहिए। लेकिन सोनी ने इनकी धज्जियां उड़ा दीं। नतीजा? रात में बाजार अंधेरे में डूबा, चोरों का राज कायम, और एक चिंगारी से पूरा वार्ड जलने का खतरा।

अब नीचे धरती पर: सूचना के अधिकार (RTI) से पता चला है कि पार्षद ने नगरपालिका की नाली के ऊपर ही 3 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। नाली को पूरी तरह कब्जा कर निर्माण किया गया, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है। बरसात में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ेगा और बाढ़ का खतरा मंडराएगा। सबसे बड़ा खुलासा – पार्षद ने नगरपालिका किरंदुल से भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र या कोई अनुमति नहीं ली। यह विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (चोरी और अनधिकृत उपयोग) और नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 का सीधा उल्लंघन है।

*नगरपालिका का नोटिस: कागज पर चेतावनी, हकीकत में मिलीभगत?*

नगरपालिका किरंदुल ने 19 जून 2025 को पार्षद राजकुमार सोनी को स्पष्ट नोटिस जारी किया था। नोटिस की कॉपी इस प्रकार है:

प्रति,

श्री राजकुमार सोनी

मेन मार्केट  किरंदुल

जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छ.ग.)

विषय :- अतिक्रमण/अवैध निर्माण को तत्काल बंद करने बाबत |

विषयांतार्गत लेख है की आपके द्वारा बिना अनुमति के अवैध अतिक्रमण / नवीनीकरण / अन्य निर्माण कार्य कराया जा रहा है । उसे तत्काल बंद करें एवं उक्त निर्माण के सम्बन्ध में विधिवत नगर पालिका परिषद किरंदुल से भवन अनुज्ञा /अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ करना सुनिश्चित करेंगे ।

अतः आपको निर्देशित किया जाता है। की, दस्तावेज अधोहस्ताक्षरी के समक्ष 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करें । निर्धारित समयावधि के जानकारी न प्रदान किये जाने पर नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी आप स्वयं की होगी।

सूचना जाने।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी

नगर पालिका परिषद किरंदुल

पृष्ट क्र. 1466/राजस्व/न.पा.परि./किरंदुल

दिनांक :- 19/06/2025

कलेक्टर महोदय जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाडा (छ.ग.) की ओर सादर सूचनार्थ |

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बड़े बचेली जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाडा (छ.ग.) की ओर सादर सूचनार्थ ।

तहसीलदार तहसील बड़े बचेली जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (छ.ग.) की ओर सादर सूचनार्थ |

अध्यक्ष महोदया नगर पालिका परिषद किरंदुल की ओर सादर सूचनार्थ ।

राजस्व विभाग नगर पालिका परिषद किरंदुल को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही करने हेतु आदेशार्थ ।

सत्यापित प्रति

मुख्य नगर पालिका अधिकारी

नगर पालिका परिषद किरंदुल

12/8/2025

यह नोटिस स्पष्ट चेतावनी देता है कि अवैध निर्माण तत्काल बंद करें और अनुमति लें, वरना धारा 187 के तहत कार्रवाई होगी। लेकिन पार्षद ने नोटिस को कूड़ेदान में डाल दिया और निर्माण जारी रखा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने खुद स्वीकार किया कि नोटिस भेजा गया, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय सूत्रों का कहना है कि “पार्षद जी की जेब में हैं अधिकारी” या फिर “नोटों की चमक में आंखें बंद कर लीं”।

*मिलीभगत का काला खेल: बिजली विभाग और नगरपालिका के अधिकारियों की भूमिका*

सबसे बड़ा सवाल – हाईटेंशन तारों में प्लास्टिक पाइप कैसे लगा? बिना बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के यह असंभव है। CSPDCL ने 10 नवंबर 2025 को RTI में पुष्टि की कि नियमों का उल्लंघन है, फिर भी कार्रवाई शून्य। इसी तरह, नगरपालिका के मुख्य अधिकारी नाली के अतिक्रमण को देखते हुए भी चुप हैं। अक्टूबर 2025 में किरंदुल में करंट से एक मौत हो चुकी है, लेकिन कोई सबक नहीं लिया गया। क्या यह राजनीतिक दबाव है या रिश्वत का खेल? सीजी संविधान न्यूज़ ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर तक पहुंचाई, और सख्त कार्रवाई के आदेश भी हुए, लेकिन मौत का यह खेल बदस्तूर जारी है।

बाजार और जनता पर असर: अंधेरा, चोरियां और मौत का साया

वार्ड 8 का मेन मार्केट अब ‘नो-लाइट जोन’ बन चुका है। रात मे अंधेरा छा जाता है, चोरों ने कई दुकानों में सेंध लगाई (ताजा वारदात 19-20 नवंबर की रात में एक मोबाइल दुकान की)। व्यापारी कहते हैं, “पार्षद की वजह से अंधेरा कायम हैं। ऊपर तारों का खतरा, नीचे नाली का रिसाव – एक बरसात और आधा बाजार डूब जाएगा!” CEA विनियमों के मुताबिक, 650 वोल्ट से अधिक लाइनों के लिए 5.5-6.1 मीटर ऊंचाई अनिवार्य है, लेकिन यहां सब उल्लंघन। पार्षद का अपना परिवार भी हर पल मौत के मुँह में है – कमरे में चलने के लिए रेंगना पड़ता है, जरा सी चूक और भगवान को प्यारे!

जनता का गुस्सा फूटा: “पार्षद ने हमें मौत के घाट उतार रखा है”

स्थानीय निवासी और व्यापारी गुस्से में हैं। एक व्यापारी ने कहा, “पार्षद बनकर सेवा करनी थी या मौत का ठेका? हम टैक्स देते हैं, वो नियम तोड़ रहे हैं।” दूसरा बोला, “यह घर मौत का विश्व रिकॉर्ड है। गिनीज बुक में दर्ज करो – सबसे खतरनाक निर्माण!” लोग सवाल उठा रहे हैं: जो पार्षद खुद अवैध निर्माण कर अपना और दूसरों का जीवन खतरे में डाल रहा हो, वह वार्ड की जिम्मेदारी कैसे निभाएगा? क्या यही लोकतंत्र है – जहां पार्षद ‘राज’ चलाते हैं?

*विश्लेषण: सत्ता का नशा या प्रशासन की विफलता?*

यह घटना छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रशासन की पोल खोलती है। राजकुमार सोनी जैसे ‘नेता’ वोटों पर सवार होकर नियमों से ऊपर समझते हैं, लेकिन हकीकत में वे दुर्घटना के बीज बो रहे हैं। RTI से खुलासा हुआ कि कोई अनुमति नहीं ली, नोटिसों का पालन नहीं किया। पुलिस थाना किरंदुल और दंतेवाड़ा प्रशासन को कॉपी भेजी गई, लेकिन ‘राजनीतिक दबाव’ से कार्रवाई रुकी। अगर ऐसी मनमानी जारी रही, तो अगली हेडलाइन ‘पार्षद के अतिक्रमण से बाजार में ब्लास्ट और बाढ़’ हो सकती है। क्या विकसित भारत में ऐसे ‘मौत के महल’ की जगह है?

*क्या होगा अगला कदम? जनता की मांग – तुरंत कार्रवाई*

CSPDCL और नगरपालिका को जगाने की जरूरत है। पार्षद सोनी से मांग: तुरंत अतिक्रमण हटाओ – तारों से और नाली से। जिला कलेक्टर, पुलिस और उच्च अधिकारियों से अपील: मिलीभगत की जांच करो, दोषियों को सजा दो। किरंदुल के निवासी सतर्क हों – आपकी सुरक्षा किसी ‘दबंग’ पार्षद के हाथों नहीं सौंपी जा सकती! अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता सड़क पर उतरेगी। क्योंकि अब चोरी या दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरा वार्ड मौत के साये में है।

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