*कलेक्टर की अनोखी पहल: नक्सल प्रभावित कांदला पर्ती में घर-घर जाकर सुनी ग्रामीणों की पुकार*
बीजापुर, 20 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में प्रशासन ने एक नया इतिहास रच दिया है। नियद नेल्लानार क्षेत्र में हाल ही में खुले दो सुरक्षा कैंपों के बाद पहली बार कलेक्टर श्री संबित मिश्रा और पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव खुद ग्राम कांदला पर्ती पहुंचे और ग्रामीणों से आमने-सामने बैठकर उनकी हर छोटी-बड़ी समस्या सुनी।
कलेक्टर ने न सिर्फ सभा की, बल्कि हर व्यक्ति से अलग-अलग पूछताछ की, उनके घरों के हाल देखे और उनकी आँखों में झाँककर उनकी पीड़ा को समझा। ग्रामीणों ने वर्षों से दबी कुंठाएँ खुलकर रखीं।
ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें:
कांदला पर्ती से उल्लूर तक बारहमासी पक्की सड़क
हर घर नल जल योजना का 100% क्रियान्वयन
गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और नियमित डॉक्टर की तैनाती
लंबित वन अधिकार पट्टों का तुरंत निपटारा
धान बेचने के लिए दूर लेम्प्स केंद्र की बजाय स्थानीय व्यवस्था
पीडीएस दुकान दूर होने से ट्रैक्टर से घर-घर राशन पहुँचाने की माँग
पशुपालन, मछली पालन और तेंदूपत्ता-इमली जैसे वनोपज के बेहतर दाम व मार्केटिंग
प्रधानमंत्री आवास योजना में छूटे हुए परिवारों का सर्वे
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में तेजी
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने मौके पर ही सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ये समस्याएँ प्राथमिकता से हल की जाएँ। उन्होंने कहा, “जब तक गाँव का आखिरी व्यक्ति तक शासन की योजनाएँ नहीं पहुँचतीं, हमारा काम अधूरा है।”
इस दौरान एसडीएम यशवंत नाग, एसडीओपी जी. कामड़े, जनपद सीईओ आदित्य कुंजाम, तहसीलदार लक्ष्मण राठिया और थाना प्रभारी जांगड़े सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
ग्रामीण बुधराम कहते हैं, “पहली बार कोई कलेक्टर साहब हमारे घर तक आए, हमारी बात सुनी। अब लगता है कि सच में विकास आएगा।”
नियद नेल्लानार में कैंप खुलने के बाद प्रशासन की यह सक्रियता बस्तर के आदिवासी अंचलों में विश्वास की नई किरण जगा रही है। कलेक्टर की इस सीधी संवाद शैली को देखते हुए अन्य गाँवों के लोग भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अब उनकी बारी आएगी।
बस्तर में बदलाव की बयार बह रही है – और इस बार यह बयार प्रशासन के जूतों की धूल से शुरू हुई है।

