अवैध गिट्टी परिवहन का मामला: प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

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अवैध गिट्टी परिवहन का मामला: प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

जिला सुकमा

संवाददाता

जसराज जैन

 

सुकमा – जिले के ग्राम पंचायत मुरतोंडा में आरएसएस बी कंस्ट्रक्शन द्वारा अवैध गिट्टी परिवहन का खेल बेखौफ जारी है। प्रशासन की अनदेखी और खनिज विभाग की उदासीनता के चलते यह अवैध गतिविधि दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुरतोंडा स्थित क्रशर प्लांट से प्रतिदिन दर्जनों हाइवा वाहन बिना अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन कर रहे हैं। खनिज विभाग के नियमों के अनुसार, खदान से खनिज परिवहन के लिए अभिवहन पास होना अनिवार्य है, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर आरएसएस बी कंपनी द्वारा खुलेआम गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा है।

 

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

इस अवैध गतिविधि के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत के कारण यह गोरखधंधा बेरोकटोक चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध परिवहन से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही लगातार हो रहे ओवरलोड परिवहन से सड़कों की स्थिति भी बदतर होती जा रही है।

 

क्रशर कर्मचारियों का कबूलनामा

जांच में यह खुलासा हुआ कि आरएसएस बी कंस्ट्रक्शन के कर्मचारी खुद इस अवैध गतिविधि की पुष्टि कर रहे हैं। पूछताछ में क्रशर कर्मचारी और हाइवा ड्राइवरों ने स्वीकार किया कि दिनभर में केवल एक अभिवहन पास जारी किया जाता है और उसी पास का उपयोग कई बार गिट्टी लोड कर परिवहन करने में किया जाता है। यह साफतौर पर नियमों का खुला उल्लंघन है।

 

पर्यावरण और राजस्व को नुकसान

स्थानीय पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अनियंत्रित खनन से क्षेत्र का पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ सकता है। अवैध खनन से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

 

जनता की मांग – सख्त कार्रवाई हो

सुकमा जिले के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन और खनिज विभाग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह अवैध गतिविधि और भी बड़े स्तर पर फैल सकती है।

 

अब सवाल यह है कि प्रशासन की यह चुप्पी किस ओर इशारा करती है? क्या यह लापरवाही है या मिलीभगत का परिणाम?

जनता को उम्मीद है कि जिला प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और अवैध खनन व परिवहन पर अंकुश लगाएगा।

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