*किरंदुल में CDO की भर्ती घोटाला – 191 सुरक्षा गार्ड पदों पर 250 नियुक्ति, 50-70 हजार से 1 लाख तक की खुली वसूली! NMDC की स्थानीय रोजगार नीति का खोखला दावा?*

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*किरंदुल में CDO की भर्ती घोटाला – 191 सुरक्षा गार्ड पदों पर 250 नियुक्ति, 50-70 हजार से 1 लाख तक की खुली वसूली! NMDC की स्थानीय रोजगार नीति का खोखला दावा?*

किरंदुल (दंतेवाड़ा), छत्तीसगढ़: NMDC किरंदुल परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा गार्डों की भर्ती एक बार फिर बड़े विवादों में घिर गई है। ठेकेदार कंपनी CDO पर भारी आरोप लग रहे हैं कि 191 पदों के लिए 250 से ज्यादा नियुक्तियां की जानी है, जिसमें स्थानीय आदिवासी युवाओं को नजरअंदाज कर बाहर के लोगों को पैसों के बल पर जगह दी गई। सूत्रों के मुताबिक, हर नई भर्ती पर 50 से 70 हजार रुपये और दंतेवाड़ा जिले के बाहर वालों से 1 लाख या उससे ज्यादा की वसूली की गई है।

15 आदिवासी नेता + 15 सुकमा नेता + 10+10 क्षेत्रीय नेता = 50 लीडर्स का सौदा!

विवादास्पद भर्ती में 15 आदिवासी नेताओं, 15 सुकमा नेताओं और अन्य क्षेत्रीय नेताओं (कुल करीब 50) के -लोगों को प्राथमिकता दी गई। बाकी 18 पदों पर कौन-कौन आया, यह अभी भी सवालों के घेरे में है। सूत्र बताते हैं कि कुछ महीने पहले भी 25-30 भर्तियां हुई थीं, जिनमें सिर्फ 10 स्थानीय थे। बाकी कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, भिलाई जैसे दूर-दराज के इलाकों से आए लोग मोटी रकम देकर भर्ती हुए।

*पुराना NMDC लोगो, नई भर्ती – CDO का खेल क्या है?*

CDO कंपनी ने सोशल मीडिया पर एक फोटो जारी किया है, जिसमें सुरक्षा गार्ड भर्ती का ऐलान है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उसमें NMDC का वर्षों पुराना मोनो इस्तेमाल किया गया है। जबकि NMDC ने लगभग 2 साल पहले अपना नया लोगो बदल लिया था। सवाल उठता है – क्या CDO जानबूझकर पुराना लोगो इस्तेमाल कर NMDC का नाम दुरुपयोग कर रही है? या यह भर्ती का दिखावा मात्र है, असल खेल तो वसूली का है?

*CDO को किरंदुल-बचेली में योग्य स्थानीय युवा नहीं मिले?*

दंतेवाड़ा जिले में हजारों बेरोजगार आदिवासी युवा हैं, जो सुरक्षा गार्ड के काम के लिए पूरी तरह योग्य हैं। फिर CDO को पोस्टर जारी करके बाहर से लोगों की तलाश क्यों करनी पड़ी? क्या यह सिर्फ स्थानीय रोजगार देने का NMDC का दावा तोड़ने का तरीका है? NMDC की नीति तो स्पष्ट रूप से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की है, लेकिन हकीकत कुछ और ही दिख रही है।

*पिछले विवादों से घिरी CDO*

यह पहली बार नहीं है जब CDO पर भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। बचेली में भी सुरक्षा गार्ड भर्ती को लेकर पहले विवाद हो चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वसूली का नेटवर्क चल रहा है, जिसमें नेता, एजेंट और कंपनी के लोग शामिल हैं।

*NMDC से सवाल:*

क्या NMDC किरंदुल परियोजना में 250 योग्य स्थानीय युवा नहीं हैं जो सुरक्षा गार्ड बन सकें?

CDO जैसी कंपनियों को ठेका देते समय स्थानीय रोजगार सुनिश्चित करने की क्या व्यवस्था है?

पुराने लोगो के दुरुपयोग पर क्या कार्रवाई होगी?

स्थानीय युवा, आदिवासी संगठन और बेरोजगार युवा अब इस घोटाले की जांच की मांग कर रहे हैं। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह NMDC की छवि और स्थानीय विश्वास दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।

CDO और NMDC प्रबंधन को घेरते हुए सवाल:

वसूली के आरोपों पर क्या जांच होगी?

बाहर के लोगों को प्राथमिकता क्यों?

*स्थानीय बेरोजगारी के बावजूद बाहर से भर्ती का क्या औचित्य?*

यह मामला अब सिर्फ भर्ती नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के अधिकारों की लूट का प्रतीक बनता जा रहा है। प्रशासन, NMDC और संबंधित विभागों को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए, वरना बड़ा आंदोलन तय है।

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