*बचेली-किरंदुल का ’15 टंकी’ अब सुरक्षित! NMDC ने लगाई फेंसिंग, पिकनिक पर पूर्ण प्रतिबंध – गंदे पानी का खतरा टला?*
किरंदुल (दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़): लंबे समय से चर्चा में रहे 15 टंकी प्राकृतिक जल स्रोत को अब NMDC किरंदुल परियोजना ने मजबूत सुरक्षा कवच दे दिया है। आज NMDC किरंदुल प्रोजेक्ट ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि 15 टंकी क्षेत्र में फेंसिंग जाली लगा दी गई है, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग अब आसानी से वहां नहीं पहुंच सकेंगे। पिकनिक, नहाना-धोना या किसी भी तरह से पानी को दूषित करने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या था मुद्दा?
पहले यह खूबसूरत प्राकृतिक जल स्रोत पूरा बचेली और किरंदुल टाउनशिप का मुख्य पेयजल स्रोत है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यहां रोज पिकनिक का सिलसिला चलने लगा था। लोग नहाते, साबुन-तेल लगाते, कचरा फेंकते और पानी को गंदा करते थे। NMDC के पुराने प्रतिबंध और CISF ड्यूटी के बावजूद लोग पहुंच जाते थे। इससे पूरा टाउनशिप अनजाने में दूषित पानी पीने को मजबूर था।
NMDC का त्वरित एक्शन
NMDC किरंदुल परियोजना ने स्थानीय चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कदम उठाया। फेंसिंग लगाकर स्रोत को पूरी तरह संरक्षित कर दिया गया है। अब इस जगह पर आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित है। NMDC ने स्पष्ट किया कि पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम उठाया गया है।
स्थानीयों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों में राहत की लहर है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “साफ दिखने वाला पानी पीते हुए हमेशा डर लगता था। अब NMDC ने अच्छा काम किया है।” हालांकि कुछ लोग खूबसूरत जगह के बंद होने पर दुख भी जता रहे हैं और वैकल्पिक पर्यटन स्थलों की मांग कर रहे हैं।
अब क्या जरूरी है?
पानी की नियमित गुणवत्ता जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करना।
ट्रीटमेंट प्लांट को और मजबूत बनाना।
आसपास के अन्य जल स्रोतों (जैसे रामबुटी आदि) की भी सुरक्षा।
जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वैकल्पिक पिकनिक स्पॉट्स की जानकारी देना।
NMDC किरंदुल परियोजना के इस कदम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। बैलाडीला क्षेत्र पहले से ही खनन संबंधी पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में पेयजल स्रोत की सुरक्षा बहुत जरूरी है।
NMDC प्रशासन को धन्यवाद, लेकिन अब यह देखना होगा कि फेंसिंग लंबे समय तक प्रभावी बनी रहे और कोई चूक न हो। पानी है तो जीवन है – इस जिम्मेदारी को हर स्तर पर निभाना होगा।

