*किरंदुल में हनुमान जन्मोत्सव की भव्य धार्मिक मिसाल: हजारों भक्तों ने लगाया जयकारों का सिलसिला, आकर्षक गदा और अंजोरा की मनमोहक झांकी ने लूटी दिल*
दंतेवाड़ा, २ अप्रैल २०२६: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की लौहनगरी किरंदुल आज पूरे दिन भगवान श्री हनुमान की भक्ति में रंगी रही। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सुबह से लेकर रात तक भक्तिमय माहौल छाया रहा। हनुमान टेकरी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भजन-कीर्तन, भोग-भंडारा और भव्य शोभायात्रा ने पूरे शहर को राम-भक्ति की अमृतधारा से सराबोर कर दिया।
सुबह से ही हनुमान टेकरी पर भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दूर से आए श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे। दोपहर के समय भोग-भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी एक साथ बैठकर हनुमान जी का प्रसाद लेते नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और भजन गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण दिव्य और आध्यात्मिक हो उठा।
शाम ढलते ही किरंदुल में असली धार्मिक उत्साह देखने को मिला। कोड़ेनार पंचायत से शाम ५ बजे भव्य शोभायात्रा की शुरुआत हुई। यह शोभायात्रा प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी बेहद आकर्षक और भव्य रही। शोभायात्रा में सबसे प्रमुख आकर्षण रहा विशालकाय हनुमान जी की गदा। भक्तों ने इसे भव्य रथ पर सजाकर जयकार लगाते हुए पूरे रास्ते भक्ति का प्रदर्शन किया। गदा के साथ विभिन्न झांकियां, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और राम-सीता-हनुमान की सजीव झांकियां भी शामिल थीं।
इस बार शोभायात्रा की खास बात रही छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंजोरा के स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक झांकी। अंजोरा के प्रसिद्ध जस झांकी कलाकारों ने अपनी कलाकारी से सभी का मन मोह लिया। झांकी में हनुमान जी की बाल लीला, संजीवनी पर्वत उठाते हुए महावीर की छवि और अन्य दिव्य दृश्य इतने जीवंत थे कि देखने वाले हर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों की मेहनत और रंग-बिरंगे वेशभूषा ने झांकी को और भी आकर्षक बना दिया। भक्त बार-बार तालियां बजाकर और “जय श्री राम”, “जय हनुमान” के नारे लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते रहे।
शोभायात्रा में हजारों हनुमान भक्त शामिल हुए। महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पूरा किरंदुल भगवा झंडों, फूलों की मालाओं और दीपकों से सज गया था। शोभायात्रा ने लगभग ४ किलोमीटर का सफर तय किया। यह रिंग रोड नंबर चार, बंगाली कैंप, रामपुर कैंप, घड़ी चौक, बस स्टैंड, डीएवी स्कूल और शीतला माता मंदिर होते हुए गांधीनगर स्थित हनुमान टेकरी पहुंची।
रात्रि लगभग ११:३० बजे शोभायात्रा का भव्य समापन हनुमान टेकरी पर हुआ। यहां महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने एक साथ दीप जलाकर और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कर वातावरण को और भी पावन बना दिया। समापन के समय भक्तों की आंखों में भक्ति के आंसू और चेहरे पर आनंद की मुस्कान साफ दिख रही थी।
इस अवसर पर किरंदुल का पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ था। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था की, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। हनुमान जन्मोत्सव समिति के चंचल देवांगन ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों का उत्साह अभूतपूर्व रहा। अंजोरा की झांकी को विशेष रूप से सराहा गया और भविष्य में भी ऐसी सांस्कृतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बात कही गई।
इस अवसर पर गौरी तिवारी ने कहा हनुमान जन्मोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और एकता का प्रतीक भी है। किरंदुल के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बजरंगबली की भक्ति में कितनी शक्ति है, जो हजारों लोगों को एक सूत्र में बांध सकती है। भक्तों ने हनुमान जी से पूरे समाज में शक्ति, साहस और भक्ति भावना का संचार करने की प्रार्थना की।
यह आयोजन न केवल किरंदुल वासियों के लिए, बल्कि पूरे दंतेवाड़ा जिले और छत्तीसगढ़ के लिए एक यादगार धार्मिक अनुभव बन गया।

