*किरंदुल वार्ड-8 में गणतंत्र दिवस पर अप्रत्याशित अराजकता की साजिश: नवगठित किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स की बलपूर्वक घुसपैठ की कोशिस, 56 वर्ष पुरानी प्रतिष्ठित बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ की परंपरा पर हमला की आशंका*
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 22 जनवरी 2026 — दंतेवाड़ा जिले की औद्योगिक नगरी किरंदुल के वार्ड क्रमांक 8, मंगल भवन में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ध्वजारोहण को लेकर गंभीर विवाद और टकराव की स्थिति पैदा होने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार, नवगठित किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स (जिसे कुछ लोग किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ भी कह रहे हैं) द्वारा पुरानी, स्थापित और दमदार संस्था बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ की दशकों पुरानी परंपरा को बलपूर्वक तोड़ने और उसी खंभे पर ध्वजारोहण करने की अवांछित कोशिश की जा रही है। यह स्वार्थी और विभाजनकारी कदम छोटे से कस्बे में अनावश्यक गुटबाजी को बढ़ावा दे रहा है और शुभ गणतंत्र दिवस पर दो गुटों के बीच घमासान की आशंका जता रहा है।
बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ लगभग 56 वर्षों से किरंदुल के व्यापारियों और स्थानीय समाज की सेवा में निरंतर सक्रिय है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस दोनों पर यह संस्था मंगल भवन, वार्ड-8 में एक ही स्थान और एक ही खंभे पर ध्वजारोहण करती आई है। यह परंपरा संस्था की जड़ों, गरिमा और निरंतरता को दर्शाती है। स्थानीय व्यापारी और समाज इसे संस्था की मजबूत पहचान और योगदान मानते हैं।
इसके विपरीत, हाल ही में कुछ लोगों द्वारा गठित नये संगठन किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बिना किसी वैध आधार या परंपरा के उसी स्थान पर ध्वजारोहण करने की तैयारीयों मे जुटा है। यह बलपूर्वक कब्जे की मानसिकता और स्वार्थी मंसूबों का स्पष्ट उदाहरण है। छोटे कस्बे किरंदुल में दो व्यापारी संगठनों का अस्तित्व पहले ही गलत संदेश दे रहा है। अब यह नया संगठन विवादों को जन्म दे रहा है, जिससे गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर अशांति, झड़प या बड़े विवाद की आशंका बढ़ गई है। कुछ सूत्र तो यहाँ तक कह रहे हैं कि यह अराजकता फैलाने और पुरानी संस्था को कमजोर करने की सुनियोजित चाल है।
56 वर्ष पुरानी बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने हमेशा एकता, सहयोग और समाज कल्याण पर जोर दिया है। इसके विपरीत, नया चैंबर ऑफ कॉमर्स विभाजनकारी तत्वों का प्रतीक बनता जा रहा है। किरंदुल जैसे छोटे औद्योगिक क्षेत्र में अनावश्यक गुटबाजी व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचाएगी और स्थानीय शांति को भंग करेगी। व्यापारी भाइयों को एकजुट रहना चाहिए, न कि नए-नए संगठन बनाकर पुरानी संस्थाओं की प्रतिष्ठा और परंपरा पर आघात करना चाहिए।
प्रशासन, नगरपालिका और स्थानीय नेताओं से अपील है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें, पुरानी परंपरा का सम्मान सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की बलपूर्वक घुसपैठ या विवाद को रोके। गणतंत्र दिवस राष्ट्र की एकता का प्रतीक है — इसे नए संगठनों के स्वार्थी विवादों का शिकार नहीं होने देना चाहिए। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ की 56 वर्षीय मजबूत परंपरा को बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक और व्यापारी का कर्तव्य है।
यह विवाद सिर्फ ध्वजारोहण का नहीं, बल्कि किरंदुल के व्यापारी समुदाय की एकता और परंपरा को बचाने का मुद्दा है। पुरानी और दमदार संस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को रोकना होगा, वरना छोटा कस्बा बार-बार ऐसे अनावश्यक घमासानों का गवाह बनता रहेगा।
