*किरंदुल में पार्षद की दबंगई: बिजली तारों पर अतिक्रमण से बाजार डूबा अंधेरे में, चोरों ने उठाया फायदा – दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा!*
किरंदुल, 20 नवंबर 2025 (विशेष संवाददाता): किरंदुल के वार्ड नंबर 8 में जनता के प्रतिनिधि बनने का दावा करने वाले पार्षद राजकुमार सोनी की मनमानी ने न केवल बाजार को रात के अंधेरे में झोंक दिया है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को भी दांव पर लगा दिया है। वर्षों पुराने बिजली के तारों पर अतिक्रमण कर निर्माणाधीन मकान की दीवारें खड़ी करने का उनका कारनामा अब घातक दुर्घटना का सबब बन चुका है। नतीजा? रात में लाइटें बंद, चोरों का राज, और डरते हुए दुकानदार। क्या यह ‘सेवा’ है या सत्ता का नशा?
*अतिक्रमण का काला सच: नियमों की खुलेआम अवहेलना*
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के जूनियर इंजीनियर ने 6 अक्टूबर 2025 को राजकुमार सोनी को स्पष्ट नोटिस जारी किया था। नोटिस में भारतीय विद्युत नियम 1956 के नियम 79 और 80 का हवाला देते हुए कहा गया कि मेन मार्केट किरंदुल में 440 वोल्ट की लो-वोल्टेज लाइन के समीप अवैध निर्माण किया गया है। ये नियम ओवरहेड बिजली लाइनों से इमारतों की न्यूनतम सुरक्षा दूरी सुनिश्चित करते हैं – जैसे सपाट छत के ऊपर से गुजरने वाली लाइन के लिए 2.5 मीटर ऊर्ध्वाधर और 1.2 मीटर क्षैतिज निकासी। लेकिन सोनी ने इनकी धज्जियां उड़ा दीं।
CSPDCL के अनुसार, यह अतिक्रमण न केवल विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (चोरी और अनधिकृत उपयोग) का उल्लंघन है, बल्कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) सुरक्षा विनियम 2023 के तहत भी अपराध। नोटिस में चेतावनी साफ थी: 21 अक्टूबर 2025 तक सुधार न करने पर आपूर्ति कटौती, जुर्माना, और कानूनी कार्रवाई। लेकिन पार्षद साहब ने नोटिस को ताक पर रखा। परिणामस्वरूप, सुरक्षा कारणों से रात्रि में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। CSPDCL के क्लैरेंस मानकों (अनुबंध 12 के अनुसार) के उल्लंघन से न केवल सोनी का मकान खतरे में है, बल्कि आसपास की पूरी बस्ती जोखिम में डूबी हुई है।
*चोरी की वारदात: अंधेरे का ‘फायदा’ उठाकर चोरों ने साफ किया हाथ*
बाजार का अंधेरा अब अपराधियों का ‘स्वर्ग’ बन गया है। बीती रात (19-20 नवंबर) एक मोबाइल दुकान में चोरों ने घुसपैठ कर सामान साफ कर लिया। दुकानदारों का कहना है, “पार्षद जी की वजह से रात 8 बजे के बाद बाजार कालिख जैसा अंधेरा हो जाता है। लाइट चालू करने का साहस कौन करेगा? तारों पर दीवारें चढ़ी हैं – एक चिंगारी और पूरे बाजार में आग लग सकती है!” मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि सोनी को अतिक्रमण के लिए नोटिस भेजा गया है, लेकिन कार्रवाई ठप।
वार्ड 8, जो किरंदुल का व्यस्त बाजार है, अब व्यापारियों के लिए ‘नो-लाइट जोन’ बन चुका। दुकानें जल्दी बंद, ग्राहक भागते हुए, और अर्थव्यवस्था ठप। एक स्थानीय व्यापारी ने गुस्से में कहा, “पार्षद बनकर सेवा करनी थी या अतिक्रमण का ठेका? हम टैक्स देते हैं, वो तो खुद ही नियम तोड़ रहे हैं।”
*विश्लेषण: सत्ता का नशा या लापरवाही का जहर?*
यह घटना छत्तीसगढ़ के स्थानीय प्रशासन की पोल खोलती है। राजकुमार सोनी जैसे ‘नेता’ जनता के वोटों पर सवार होकर नियमों से ऊपर समझते हैं, लेकिन हकीकत में वे दुर्घटना के बीज बो रहे हैं। CEA विनियमों के मुताबिक, 650 वोल्ट से अधिक लाइनों के लिए 5.5-6.1 मीटर की जमीन से ऊंचाई अनिवार्य है, और भवनों से 1.2-2.5 मीटर की दूरी। सोनी का निर्माण इन सबका उल्लंघन करता है – नतीजा, संभावित शॉर्ट सर्किट, आग, या जानलेवा करंट।
सूचना का अधिकार (RTI) में भी खुलासा हुआ कि सोनी ने न तो अनुमति ली, न ही नोटिस का पालन किया। पुलिस थाना किरंदुल और दंतेवाड़ा प्रशासन को कॉपी भेजी गई, लेकिन ‘राजनीतिक दबाव’ का रोना रोकर कार्रवाई रुकी हुई। क्या यह लोकतंत्र है या ‘पार्षद राज’? अगर ऐसी मनमानी जारी रही, तो अगली चोरी नहीं – अगली हेडलाइन ‘पार्षद के अतिक्रमण से बाजार में ब्लास्ट’ हो सकती है।
*क्या होगा अगला कदम?*
CSPDCL ने 10 नवंबर 2025 को RTI में पुष्टि की कि नियम 1956 अब CEA 2023 से प्रतिस्थापित हो चुके हैं, और सोनी पर सख्ती बरतने का आदेश है। नगरपालिका और पुलिस को जगाने की जरूरत है। पार्षद सोनी से मांग है: तुरंत अतिक्रमण हटाओ, वरना जनता का गुस्सा भारी पड़ेगा। किरंदुल के निवासी सतर्क हों – आपकी सुरक्षा किसी ‘दबंग’ पार्षद के हाथों नहीं सौंपी जा सकती!

