*किरंदुल बिग ब्रेकिंग: एनएमडीसी परियोजना SP-3 के नए प्लांट में मजदूरों का हल्लाबोल! 12 घंटे की शिफ्ट और महज 400 रुपये मजदूरी पर फूटा गुस्सा, पूरा काम ठप*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*किरंदुल बिग ब्रेकिंग: एनएमडीसी परियोजना SP-3 के नए प्लांट में मजदूरों का हल्लाबोल! 12 घंटे की शिफ्ट और महज 400 रुपये मजदूरी पर फूटा गुस्सा, पूरा काम ठप*

किरंदु (छत्तीसगढ़), 18 नवंबर 2025: किरंदुल की एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) परियोजना SP-3 के नए प्लांट स्थल पर आज बड़ा हंगामा मच गया। सैकड़ों मजदूरों ने कम मजदूरी, पीएफ-बोनस की कमी और 8 घंटे के बजाय 12 घंटे की लंबी शिफ्ट के खिलाफ जोरदार हड़ताल कर दी। सुबह से ही प्लांट गेट के सामने धरना शुरू हो गया, जिससे पूरा काम ठप हो गया है। मजदूरों का कहना है कि एलएंडटी (लार्सन एंड टूब्रो), आर्डी और अन्य ठेकेदार कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं।

*मजदूरों की आपबीधा: ‘रोज 400 रुपये में गुजारा कैसे?’*

हड़ताल में शामिल एक मजदूर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम लोग दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन मिलता क्या है? महज 400 रुपये रोजाना! ऊपर से पीएफ, बोनस या कोई सुविधा नहीं। 8 घंटे का नियम है, लेकिन कंपनियां 12 घंटे काम करवाती हैं। थकान से बीमारियां हो रही हैं, परिवार का पेट पालना मुश्किल। अब बस, बहुत हुआ!” मजदूरों का आरोप है कि बाहरी ठेकेदार कंपनियां सस्ते में काम चूस रही हैं, जबकि एनएमडीसी को फायदा हो रहा है।

हड़ताल की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई, जब करीब 200-250 मजदूर प्लांट गेट पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने नारे लगाए – “कम मजदूरी हाय-हाय, 12 घंटे शिफ्ट नो-नो!” और “पीएफ-बोनस दो, शोषण बंद करो!”। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई। अगर जल्द समाधान न हुआ, तो हड़ताल और तेज होने की चेतावनी दी गई है।

*पृष्ठभूमि: किरंदुल की खनन पट्टी में बढ़ते विवाद*

किरंदुल, बस्तर जिले का यह खनन क्षेत्र, लौह अयस्क उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। एनएमडीसी की SP-3 परियोजना के तहत नया प्लांट स्थापित हो रहा है, जो लाखों टन उत्पादन बढ़ाएगा। लेकिन निर्माण में लगे ठेकेदारों पर मजदूर शोषण के आरोप लगते रहे हैं। पिछले साल भी इसी तरह की हड़ताल हुई थी, जिसमें मजदूरी बढ़ाने का वादा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हड़ताल न सिर्फ उत्पादन प्रभावित करेगी, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को झटका देगी। एनएमडीसी के प्रवक्ता ने कहा, “हम ठेकेदारों से बात कर रहे हैं, जल्द समाधान निकलेगा।”

*संभावित प्रभाव: उत्पादन ठप, अर्थव्यवस्था पर ब्रेक*

तत्काल असर: प्लांट में काम रुकने से SP-3 का निर्माण विलंबित हो सकता है, जो 2026 तक पूरा होना था।

*मजदूरों पर: सैकड़ों परिवार प्रभावित, आय का संकट।*

कंपनी पर: एनएमडीसी को कानूनी-प्रशासनिक चुनौतियां, शेयर बाजार पर असर की आशंका।

मजदूर संगठनों ने एनएमडीसी प्रबंधन से मांग की है कि न्यूनतम मजदूरी 800 रुपये करें, 8 घंटे शिफ्ट लागू करें और पीएफ-बोनस सुनिश्चित करें। यह हड़ताल क्षेत्रीय स्तर पर मजदूर आंदोलन की चिंगारी बन सकती है। हमारी टीम घटनास्थल से लगातार अपडेट लाती रहेगी। क्या होगा अगला कदम? जानने के लिए बने रहें!

Leave a Comment

और पढ़ें

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*

Buzz4 Ai

Read More Articles

*अस्थाई दखल शुल्क 0शिकायतकर्ता के बयान पर अधिकारी-पार्षदों के हस्ताक्षर, आरोप लगे ठेकेदार के बयान पर सिर्फ ग़ैर-सरकारी हस्ताक्षर — क्या चल रहा है किरंदुल में? मुख्य अधिकारी पूरी तरह लाचार या संलिप्त?*