*प्रकाश विद्यालय, किरंदुल में पर्यावरण और हरेली त्योहार के साथ जंगल सफारी का अनूठा आयोजन*

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*प्रकाश विद्यालय, किरंदुल में पर्यावरण और हरेली त्योहार के साथ जंगल सफारी का अनूठा आयोजन*

किरंदुल, 28 जुलाई 2025: प्रकाश विद्यालय, किरंदुल ने पर्यावरण संरक्षण और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली त्योहार को समर्पित एक अनूठा जंगल सफारी कार्यक्रम आयोजित किया। “जंगल प्रकृति का घर है, जहाँ जीवन और शांति का वास होता है” की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम ने छात्रों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के बीच प्रकृति के प्रति प्रेम और जागरूकता को बढ़ावा दिया।

कार्यक्रम का आयोजन 28 जुलाई 2025 को किया गया, जिसमें जंगल की सुंदरता और जैव-विविधता को प्रदर्शित किया गया। यह आयोजन चिड़ियाघर की अवधारणा से अलग था, जिसमें जंगली जानवरों की स्वाभाविक जीवनशैली को दर्शाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री वाय. व्ही. राघवेलु (महाप्रबंधक, आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील), श्रीमती के. एल. नागवेणी (उप महाप्रबंधक, कार्मिक सी.एस.आर., एनएमडीसी किरंदुल परियोजना), विशेष अतिथि डॉ. तेज प्रकाश (आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील), प्राचार्य फादर दिलीप मैथ्यू, फादर थॉमस, प्राचार्य सिस्टर प्रीति (प्रकाश विद्यालय, बचेली), उप प्राचार्य सिस्टर जीना और सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस दौरान बच्चों ने जंगल सफारी के माध्यम से प्रकृति के महत्व को समझा और हरेली त्योहार की सांस्कृतिक झलक देखी। श्री वाय. व्ही. राघवेलु और सी.एस.आर. टीम ने बच्चों को दिसंबर माह में पिकनिक के लिए आमंत्रित किया, जिसे उपस्थित सभी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया।

यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित किया। प्रकाश विद्यालय का यह प्रयास शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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