किरंदुल नगरपालिका का चुनाव अध्यक्ष पद सालों से ठेकेदारों के कब्जे मे रहा वही एक बार महिला सीट मे ठेकेदार ऐ अनिल की पत्नी श्रीमती ऐ अनिल राजी मोल का कब्ज़ा रहा है नगरपालिका गठन के बाद सब से पहली बार भा ज पा से सात्विन्दर सींग ( डब्बू ) हो दूसरी बार अमृत सींग श्रीमती अनिल राजी मोल अंतिम मे ठेकेदार मृणाल राय अब तक के सत्र मे ठेकेदारो के कब्जे से नहीं छूटी नगरपालिका किरंदुल इस बार महिला आरक्षित होने के बाद क्या फिर से ठेकेदारों की पत्नियों को है मौका मिलेगा या सालों से राजनितिक पार्टियों मे कार्य कर रहे आम महिलाओ को भी मौका मिलेगा किस्मत आजमाने का
वही एक बार निर्दलीय जीते सलेन्द्र सींग का कब्ज़ा रहा जब ये अध्यक्ष थे तब ठेकेदार नहीं थे परन्तु विश्वसनीय सूत्रों से मेरी जानकारी के अनुसार अब इनकी भी कई छोटी बड़ी गाड़िया ठेके मे चल रही है
राजनितिक पार्टियों की माने तो अनुशासन को ध्यान में रखते हुए पार्टियां क्या छोटे से छोटे कार्यकर्ता को पार्षद और अध्यक्ष के लिऐ अपना उमीदवार बनाएगी जैसे की देखने को मिला है लोकसभा चुनाव मे सांसद महेश कश्यप छोटे से गाँव के जिसमे 100 घर भी नहीं ऐसे छोटे से कार्यकर्ता को पार्टी ने अपना उमीदवार बना कर बस्तर का सांसद बनाया क्या अब राजनितिक पार्टियों ऐसे है किसी छोटे कार्यकर्ता पर विस्वास जातायाँगी
राजनितिक पार्टियों का दावा है अंतिम व्यक्ति का विकास की बात कहने वाली पार्टियां इस बार के नगरपालिका महिला आरक्षित मे किसी पूंजी पति के पत्नियों को चुनाव मे अपना उमीदवार बनाएगी या किसी गरीब तबके के या जो महिला सालों से पार्टियों का झंडा ले कर पार्टी का नारा लगाने वाली पार्टियों की सक्रिय कार्यकता महिलाओ उमीदवार बनाएगी
राजनितिक पार्टियों मे वर्षो से सक्रिय सदयस्ता लिऐ कार्य कर रही महिला कार्यकर्ता को पार्टी अपना उमीदवार भरोसा जाताएगी
