*किरंदुल बाजार में अव्यवस्था: आदिवासी टिना शेड पर अवैध कब्जा, ग्रामीण सड़क पर बैठने को मजबूर*
दंतेवाड़ा। किरंदुल बाजार में वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था और नगरपालिका की नाकामी अब चरम पर पहुंच गई है। आसपास के गांवों के आदिवासी ग्रामीणों को बाजार में बैठने की जगह नहीं मिल रही है, जबकि एनएमडीसी द्वारा विशेष रूप से ग्रामीण आदिवासियों के लिए बनाया गया टिना शेड कुछ स्थानीय व्यापारियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। नतीजा यह कि ग्रामीण मुख्य सड़क पर बैठकर अपना सामान बेचने को मजबूर हैं, जहां दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
ग्रामीणों और क्षेत्र के सरपंचों ने जब नगरपालिका से बार-बार शिकायत की और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर मोर्चा संभाल लिया। अब वे स्वयं बाजार में पहुंचकर नगरपालिका मुख्य अधिकारी के साथ चर्चा कर रहे हैं। उनकी साफ मांग है कि टिना शेड को तुरंत खाली कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। इसी दौरान गांव की सब्जियां भी ज्यादा मात्रा में बाजार में आ रही हैं। साथ ही एनएमडीसी द्वारा निर्माणाधीन ओवरब्रिज एक-दो महीने में तैयार होने वाला है। उसके बाद इस मुख्य सड़क से ही पूरी आवाजाही होगी। ऐसे में सड़क पर दुकानें लगाने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
नगरपालिका मुख्य अधिकारी ने ग्रामीणों और सरपंचों की बात मानते हुए टिना शेड खाली कराने का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल यह है कि इतने वर्षों से अवैध कब्जा कैसे चलता रहा? नगरपालिका और स्थानीय प्रशासन की नाकामी के कारण आदिवासी ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका दोनों खतरे में पड़ी हुई है।
किरंदुल क्षेत्र के ग्रामीण और सरपंच अब इंतजार नहीं करेंगे। वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि त्योहारों से पहले टिना शेड खाली होना चाहिए,
