*आईने में चेहरा बदलने वाले… तस्वीरों में गायब! किरंदुल जश्न में भाजपा छाप कांग्रेसी चेहरे फरार*
दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): पूरे देश में भाजपा की तीन राज्यों में भारी जीत का जश्न चल रहा है, लेकिन किरंदुल मंडल में एक खतरनाक और अनोखा सच तस्वीरों ने उजागर कर दिया है।
शाम 6 बजे बस स्टैंड चौक पर आतिशबाजी, “भाजपा जिंदाबाद, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद” के गगनभेदी नारे, झाल मुड़ी बांटते खुशहाल कार्यकर्ता — सब कुछ था, लेकिन कुछ चेहरे गायब थे। अनुमानित 5 से 7 “भाजपा छाप कांग्रेसी” नेता, जो रोज आईने में चेहरा बदलते दिखते थे, इस बड़े विजय जश्न से पूरी तरह गायब रहे।
*तस्वीरें अब सब कुछ बता रही हैं।*
जब सच्चे भाजपा कार्यकर्ता खुशी मना रहे थे, तब ये दोहरे चरित्र वाले चेहरे कहाँ थे? क्या कांग्रेस के सफाए के गम में डूबे हैं? या फिर असली भाजपा जश्न से इनकी दूरी अब खुलकर सामने आ गई है?
खतरनाक सवाल
*क्या किरंदुल भाजपा में ऐसे छाप वाले अवसरवादी नेता पार्टी के लिए अंदरूनी खतरा बन गए हैं?*
जितनी तेजी से ये चेहरे आईने में भाजपा का रंग लगाते हैं, उतनी ही तेजी से असली मौके पर गायब हो जाते हैं।
क्या ये लोग पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं या सिर्फ स्वार्थ और टिकट की राजनीति कर रहे हैं?
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता दोनों है। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा, “आईना तो सच दिखा ही देता है। तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं। ऐसे लोग जब खुशी बांटने नहीं आते, तो संकट के समय क्या करेंगे — यह सोचने वाली बात है।”
यह मामला सिर्फ किरंदुल तक सीमित नहीं लगता। पूरे छत्तीसगढ़ बल्कि कई जगहों पर ऐसे दोहरे चरित्र वाले नेताओं की मौजूदगी भाजपा संगठन के लिए गंभीर खतरे का संकेत दे रही है। तीन राज्यों की जीत के इस पल पर भी अगर कुछ चेहरे जश्न से दूर रहते हैं, तो कल बड़े चुनाव में ये लोग किसका साथ देंगे — यह सवाल अब पार्टी leadership के सामने भी है।
संदेश साफ है: आईने में चेहरा बदलने वाले अब तस्वीरों में पकड़े जा चुके हैं।
भाजपा की असली ताकत सच्चे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में है, न कि ऐसे मौकापरस्त चेहरों में।
*किरंदुल का यह जश्न आईना बन गया है — जो दोहरे चरित्र को बेनकाब कर रहा है।*
(लेकिन सावधान — अंदर के खतरे को पहचानना जरूरी है)

