*किरंदुल नगरपालिका की लापरवाही: कचरा वाहनों के चालक बिना ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर दौड़ा रहे वाहन*

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 13 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित किरंदुल नगरपालिका पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगरपालिका के कचरा संग्रहण वाहनों के चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं। आरोप है कि कम से कम 2 से 3 सरकारी कचरा वाहनों को ऐसे चालक संचालित कर रहे हैं जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं है।
यह मामला तब सामने आया जब स्थानीय निवासियों ने इसकी शिकायत की। एक स्थानीय नागरिक ने बताया, “नगरपालिका एक सरकारी संस्था है, फिर भी इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है? बिना लाइसेंस के वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी खतरे में डालता है। अगर कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?”
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गंभीर अपराध है। इसके लिए 5,000 रुपये तक का जुर्माना और यहां तक कि तीन महीने की जेल की सजा तक हो सकती है। सरकारी वाहनों के मामले में भी कोई छूट नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि नगरपालिका जैसे सार्वजनिक संस्थानों को अपने कर्मचारियों और चालकों की योग्यता की जांच करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां यह नियम स्पष्ट रूप से नजरअंदाज किया जा रहा है।
यह लापरवाही न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है। किरंदुल जैसे औद्योगिक क्षेत्र में जहां भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा होती है, ऐसे बिना योग्यता वाले चालक दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि नगरपालिका प्रशासन तुरंत इस मामले की जांच करे और दोषी चालकों व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे।
निवासियों की मांग:
सभी चालकों के लाइसेंस की तुरंत जांच।
बिना लाइसेंस चालकों को हटाकर योग्य चालकों की नियुक्ति।
सड़क सुरक्षा के लिए कड़े नियमों का पालन।
यह मामला एक बार फिर सरकारी संस्थानों में बढ़ती लापरवाही को उजागर करता है। उम्मीद है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग इस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा।
