*230 बटालियन सी.आर.पी.एफ. कोर्रा कैम्प द्वारा ग्रामीणों को वितरित किए गए दैनिक उपयोग के सामान*
सी जी संविधान न्यूज़ छत्तीसगढ़
जिला संवाददाता सुकमा
जसराज जैन
*कोर्रा, बस्तर:*
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। नक्सल उन्मूलन के तहत, नक्सलियों को मार गिराने की कोशिश जारी है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके हृदय में विश्वास जागृत करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में, 17 मार्च 2025 को *सी/230 बटालियन कोर्रा कैम्प* द्वारा एक सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनसहयोग को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
*आयोजन की विशेषताएँ:*
कोर्रा कैम्प के आस-पास स्थित गांवों जैसे *ओईरास, मूंगा, डोडपाल, मिडियारास, पडवारास, आद्रगुंडा, कासरगुडा* और *गादीरास* के स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रामीणों को निम्नलिखित वस्तुएं वितरित की गईं:
– *जल संरक्षण* के लिए वॉटर स्टोरेज टैंक
– *रात में रोशनी* के लिए सोलर लालटेन
– *ठंड से बचाव* के लिए कम्बल, साड़ी, गमछा, लूंगी, चप्पल
– *खेतों के काम* के लिए फावड़ा, गैती
– *कन्या छात्रावास कोर्रा* की बालिकाओं के लिए टेलीविजन (मनोरंजन हेतु)
– *आवागमन* और *स्कूल आने-जाने* के लिए साइकिल- *युवाओं को खेलकूद में प्रोत्साहित करने* के लिए वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट किट
– *स्कूली बच्चों को* यूनिफॉर्म, नोटबुक, पेन्सिल, शॉर्पनर, पेन्सिल बॉक्स, पेन, स्कूल बैग
यह पहल ग्रामीणों की मदद करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इस अवसर पर सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए बातचीत की और उनके सुझावों को भी सुना।
सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत ग्रामीणों को इन जरूरी वस्तुओं के वितरण से उनके जीवन में थोड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विश्वास का वातावरण बनाने में भी मदद मिलेगी।
इस पहल में सी/230 बटालियन द्वारा निःशुल्क चिकित्सा सह जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मरीजों की जांच कर दवाईयों का वितरण किया गया और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की गई। चिकित्सा अधिकारियों ने इस शिविर में जन समुदाय के समग्र कल्याण में सुधार हेतु विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया और बदलते मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखने के बारे में जरूरी जानकारी दी।
आयोजित कार्यक्रम में श्री अश्वनी परमार (द्वितीय कमान अधिकारी) ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और खेल स्वस्थ और विकसित समाज की नींव हैं। खेल-कूद से न केवल शारीरिक और मानसिक मजबूती मिलती है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन और टीमवर्क की भावना भी विकसित करता है। उपस्थित समस्त ग्रामीणों को केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की लाभकारी योजनाओं से अवगत कराया गया।
साथ ही ग्रामीणों को सूचित किया गया कि इस प्रकार के कल्याणकारी कार्यक्रम समाज के जरूरतमंद वर्गों को सशक्त और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं, और भविष्य में भी यह पहल जारी रहेगी। ग्रामीणों ने सी.आर.पी.एफ के इन प्रयासों को समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया और इस पहल को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना।

