किरंदुल नगर पालिका में शपथ ग्रहण और सियासी उलटफेर!
जिला दंतेवाड़ा किरंदुल
किशोर कुमार रामटेके
उपाध्यक्ष चुनाव में बबलू सिद्दीकी बने ‘बाज़ीगर’, बीजेपी के गणित को दिया मात
दंतेवाड़ा | किरंदुल नगर पालिका परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष रूबी सिंह और 18 पार्षदों ने आज शपथ ग्रहण किया। इसके बाद हुए उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के बबलू सिद्दीकी ने शानदार जीत दर्ज कर बाज़ीगर की तरह सियासी दांव खेला।
त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस ने मारी बाज़ी
किरंदुल नगर पालिका में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। 5-5 पार्षद भाजपा और कांग्रेस के पास थे, जबकि 4 पार्षद सीपीआई के, 1 सीपीआई समर्थित पार्षद और 3 निर्दलीय पार्षद थे। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की रूबी सिंह को जनता ने चुना, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर समीकरण पूरी तरह बदल गए।
बीजेपी के गणित में उलझन, कांग्रेस की रणनीति ने किया चौंकाने वाला उलटफेर
चुनाव से पहले भाजपा के साथ मंच पर 5 भाजपा पार्षद और 2 निर्दलीय पार्षद मौजूद थे, जिससे माना जा रहा था कि भाजपा के पास अध्यक्ष के वीटो पावर के साथ कुल 8 वोट होंगे, और उपाध्यक्ष पद भी भाजपा के खाते में जाएगा। लेकिन जब वोटिंग हुई तो नतीजे चौंकाने वाले रहे।
कांग्रेस के बबलू सिद्दीकी ने 9 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को सिर्फ 7 वोट मिले और सीपीआई को 3 वोट। इस नतीजे ने सबको हैरान कर दिया और सवाल खड़े कर दिए कि भाजपा का एक वोट कहां गया?
क्रॉस वोटिंग से भाजपा और सीपीआई में हलचल
भाजपा की गिनती के मुताबिक उसके पास 8 वोट होने चाहिए थे, लेकिन उसे सिर्फ 7 वोट मिले। क्या भाजपा के ही किसी पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की? वहीं, सीपीआई को 4 वोट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उसे केवल 3 वोट ही मिले। ऐसे में सीपीआई का भी एक वोट कहां गया?
“बागी” ने भाजपा के हाथ से फिसलाया उपाध्यक्ष पद?
जो पार्टी जोड़-तोड़ की राजनीति में माहिर मानी जाती है, क्या वही इस बार अपने ही पार्षदों की बगावत का शिकार हो गई? क्या भाजपा को उसके ही किसी पार्षद ने झुनझुना पकड़ा दिया? या फिर निर्दलीय पार्षदों में से किसी ने आखिरी वक्त पर कांग्रेस का दामन थाम लिया?
बहरहाल, बबलू सिद्दीकी की इस जीत ने नगर की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है और भाजपा को बड़ी चुनौती दी है। अब आगे नगर पालिका में सत्ता का संतुलन कैसे बनता है, यह देखना दिलचस्प होगा!

