बीजेपी मे वरिष्ठ कार्यकर्ताओ का होगा सम्मान या नये कार्यकर्ता का सम्मान मनोनीत पार्षद के पद मे*
बीजेपी किरंदुल मण्डल मे वरिष्ठ कार्यकर
*किरंदुल नगरपालिका: उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कौन मारेगा बाजी?*
*क्या सत्ता धारी पार्टी का नेता बनेगा उपाध्यक्ष, या ‘पैराशूट’ से आएगा नया चेहरा?*
*किरंदुल।* नगर पालिका चुनाव की सरगर्मी अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि उपाध्यक्ष पद की रेस ने नया मोड़ ले लिया है। जहां एक तरफ शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर जनता के बीच ये सवाल तेजी से उठ रहा है – *”किरंदुल नगरपालिका का अगला उपाध्यक्ष कौन?”*
*सियासी गणित: किसके पास कितने पार्षद?*
इस बार नगर पालिका के समीकरण दिलचस्प हैं। कुल 18 निर्वाचित पार्षदों में से –
बीजेपी – 5 पार्षद
कांग्रेस – 5 पार्षद
सीपीआई – 4 पार्षद
सीपीआई समर्थित – 1 पार्षद
निर्दलीय – 3 पार्षद
*उपाध्यक्ष बनने के लिए 10 पार्षदों का समर्थन जरूरी है, जो फिलहाल किसी के पास नहीं है।* ऐसे में जोड़-तोड़ की राजनीति अपने चरम पर है, और सत्ता धारी पार्टी बीजेपी, जो इस खेल में माहिर मानी जाती है, अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है।
*पैराशूट’ की राजनीति फिर आएगी नजर?*
बीजेपी पहले ही नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए एक ‘पैराशूट’ कैंडिडेट उतारकर चौंका चुकी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या उपाध्यक्ष पद के लिए भी वही रणनीति अपनाई जाएगी? क्या किसी नए चेहरे को अचानक से मैदान में उतारा जाएगा, या फिर कोई वरिष्ठ कार्यकर्ता इस कुर्सी तक पहुंचेगा?
*निर्दलीय पार्षद अनिल – ‘किंगमेकर’ या ‘किंग’!*
सभी समीकरणों के बीच निर्दलीय पार्षद ए. अनिल सबसे अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। *धनबल और जनसमर्थन दोनों में मजबूत* अनिल उपाध्यक्ष पद की रेस में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है –
क्या बीजेपी निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में करने में कामयाब होगी?
या फिर निर्दलीय पार्षद खुद ही बाजी मार लेंगे और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लेंगे?
कौन बनेगा ‘बाजीगर’ और किसके हिस्से में आएगी सिर्फ निराशा?
*मनोनीत पार्षदों की कुर्सी: सीनियर नेताओं को सम्मान मिलेगा या नए चेहरों को मौका?*
चुनाव के बाद नगरपालिका में 5 *मनोनीत पार्षद* भी नियुक्त किए जाएंगे, जो सत्ता संतुलन में अहम भूमिका निभाएंगे। लेकिन बीजेपी के भीतर इस बात की चर्चा गर्म है कि *वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को तवज्जो मिलेगी या फिर पैराशूट से उतरे नए चेहरों को इन पदों पर बैठाया जाएगा?*
कई कार्यकर्ताओं को डर सता रहा है कि दिन-रात पार्टी के लिए मेहनत करने वाले नेताओं को दरकिनार कर, सिर्फ 4-6 महीने या 1 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए नए चेहरे ही प्राथमिकता ना पा जाएं।
*विधायक प्रतिनिधि और सांसद प्रतिनिधि की दौड़ भी तेज!*
*किरंदुल नगरपालिका में ‘कुर्सी’ की राजनीति सिर्फ उपाध्यक्ष तक ही सीमित नहीं है।* विधायक प्रतिनिधि और सांसद प्रतिनिधि जैसे अहम पद भी भरे जाने हैं। कार्यकर्ता इस बात पर भी नजर गड़ाए बैठे हैं कि *बीजेपी इन पदों पर किन चेहरों को मौका देती है?*
*अब इंतजार सिर्फ आखिरी फैसले का!*
नगरपालिका के भीतर सत्ता का यह खेल बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। *क्या बीजेपी जोड़-तोड़ से अपना उपाध्यक्ष बना पाएगी? क्या निर्दलीय पार्षद कोई चौंकाने वाला फैसला लेंगे? कौन होगा ‘किंग’ और कौन होगा ‘किंगमेकर’ – इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।*
जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा कि *राजनीतिक अखाड़े में किसके हाथ लगेगी जीत, और कौन सिर्फ तमाशबीन बनकर रह जाएगा!*
