*कोड़ेनार पंचायत में घोर राजनीतिक साजिश और जनप्रतिनिधियों का घिनौना अपमान: 16 साल पुराने पूर्व अध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाकर वर्तमान जनता के चुने हुए नेताओं को धूल चाटने पर मजबूर किया, लज्जास्पद और निंदनीय कृत्य ने पूरे क्षेत्र को हैरान कर दिया*

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*कोड़ेनार पंचायत में घोर राजनीतिक साजिश और जनप्रतिनिधियों का घिनौना अपमान: 16 साल पुराने पूर्व अध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाकर वर्तमान जनता के चुने हुए नेताओं को धूल चाटने पर मजबूर किया, लज्जास्पद और निंदनीय कृत्य ने पूरे क्षेत्र को हैरान कर दिया*

दंतेवाड़ा जिले के कोड़ेनार ग्राम पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकतंत्र की हत्या और राजनीतिक चालबाजी का सबसे काला अध्याय लिखा गया है। क्षेत्र के वर्तमान जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर निमंत्रण कार्ड से हटाकर, उनके नाम तक न लिखकर और किसी भी प्रकार का निमंत्रण न देकर अपमानित किया गया, जबकि 16 वर्ष पूर्व के एक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र सींग (जिन्हें वर्तमान मे कोई पद नहीं) को मुख्य अतिथि का स्थान देकर सारा आयोजन उनकी गरिमा के इर्द-गिर्द घुमा दिया गया। यह न केवल जनता के जनादेश का तिरस्कार है बल्कि लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा प्रहार है। इतनी बड़ी मानव भूल या लापरवाही नहीं हो सकती—यह सुनियोजित साजिश और बदले की राजनीति की बदबूदार मिसाल है।

क्षेत्रीय वर्तमान जिला पंचायत सदस्य सोमारु कड़ती, कुंवाकोंडा ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष राजू कड़ती, कोड़ेनार पंचायत से सटी किरंदुल नगरपालिका की वर्तमान अध्यक्ष रूबी सिंह—इन तीनों प्रमुख और सक्रिय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड में कहीं नाम तक नहीं दिया गया। न कोई स्थान, न कोई सम्मान, न कोई निमंत्रण। इन्हें कार्यक्रम स्थल से पूरी तरह दूर रखा गया। जबकि इनमें से सोमारु कड़ती जिला पंचायत के महत्वपूर्ण सदस्य हैं, जिन्होंने क्षेत्र क्रमांक 08 का प्रतिनिधित्व करते हुए कई विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। राजू कड़ती सरपंच संघ के अध्यक्ष के रूप में ब्लॉक स्तर पर नेतृत्व कर रहे हैं। रूबी सिंह किरंदुल नगरपालिका की वर्तमान अध्यक्ष हैं, जिनका कोड़ेनार पंचायत क्षेत्र से सीधा जुड़ाव है। इन सबको अनदेखा करना कोई सामान्य भूल नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया अपमान है।

 

सबसे बड़ी विडंबना और शर्मनाक पहलू यह है कि 16 वर्ष पूर्व के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को मुख्य अतिथि बनाया गया। उनके बाद दो और अध्यक्षों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, और एक पूर्व अध्यक्ष मृणाल राय जिनका कार्यकाल मात्र एक वर्ष पूर्व समाप्त हुआ है और जो अभी भी कोड़ेनार पंचायत क्षेत्र में ही रहते हैं, उन्हें भी कार्यक्रम से पूरी तरह दूर रखा गया। मृणाल राय को भी कोई स्थान या निमंत्रण नहीं दिया गया। क्या यह संयोग है कि वर्तमान और हाल के जनप्रतिनिधियों को किनारे लगाकर पुराने चेहरे को आगे किया जा रहा है? बिल्कुल नहीं। यह एक सुनियोजित राजनीतिक चाल है जो क्षेत्र की वर्तमान नेतृत्व को कमजोर करने, उनकी छवि खराब करने और पुरानी लॉबी को मजबूत करने का घिनौना प्रयास है।

 

कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड में मुख्य अतिथि के रूप में शैलेंद्र सिंह का नाम प्रमुखता से छपा है, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पूर्व उपाध्यक्ष जनपद पंचायत कुंवाकोंडा का नाम है। वर्तमान जिला पंचायत सदस्य सोमारु कड़ती, राजू कड़ती और अन्य वर्तमान नेताओं का नाम कहीं नहीं। यह दर्शाता है कि आयोजकों ने जानबूझकर वर्तमान जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया है। इतना बड़ा आयोजन, तीन दिन का खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसमें स्थानीय युवाओं की भागीदारी होनी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक बदले की भावना ने इसे जहर से भर दिया।

 

यह घटना पूरे क्षेत्र के लोगों को अचंभित और गुस्से से भरपूर कर गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि कौन सी राजनीति है यह? क्या वर्तमान जनता के चुने हुए प्रतिनिधि अब बेकार हो गए हैं? क्या 16 साल पुराना चेहरा अभी भी इतना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान नेताओं को धक्का देकर उन्हें आगे किया जाए? यह लोकतंत्र का मजाक है। आयोजकों की यह हरकत न केवल लज्जास्पद है बल्कि घोर अवमानना का प्रतीक है। जनता ने इन वर्तमान नेताओं को वोट देकर चुना है, उनका कार्यकाल चल रहा है, वे क्षेत्र की समस्याओं से जूझ रहे हैं, विकास कार्य कर रहे हैं, फिर भी उन्हें अपमानित किया गया।

यह साजिश किसके इशारे पर हुई? क्या पुरानी लॉबी, पूर्व नेताओं का गिरोह या कोई बाहरी राजनीतिक दबाव काम कर रहा है? कोड़ेनार पंचायत जैसे ग्रामीण क्षेत्र में जहां विकास की जरूरत सबसे ज्यादा है, वहां राजनीतिक झगड़ों ने आयोजन को कलंकित कर दिया। खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं के विकास, एकता और उत्साह के लिए होते हैं, लेकिन यहां इसे राजनीतिक बदले का मंच बना दिया गया। सोमारु कड़ती जैसे जिला पंचायत सदस्य, राजू कड़ती जैसे सरपंच संघ अध्यक्ष और रूबी सिंह जैसे नगरपालिका अध्यक्ष को बाहर करना उनको न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से अपमानित करना है बल्कि उनके समर्थकों, उनके क्षेत्र के लोगों और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।

मृणाल राय, जो हाल ही में अध्यक्ष रहे और क्षेत्र में रहते हैं, उनका भी बहिष्कार करना दर्शाता है कि आयोजक किसी भी वर्तमान या हाल के प्रभावशाली चेहरे को स्थान नहीं देना चाहते थे। सिर्फ 16 साल पुराने शैलेंद्र सिंह को मुख्य अतिथि बनाकर यह संदेश दिया गया कि पुरानी सत्ता अभी भी चलेगी, नई सत्ता को कुचलो। यह बेहद निंदनीय, घृणित और लोकतंत्र-विरोधी कृत्य है।

स्थानीय लोगों में भारी रोष है। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे आयोजनों में अगर वर्तमान जनप्रतिनिधियों को अनदेखा किया जाएगा तो भविष्य में विकास कार्य कैसे होंगे? जनता का विश्वास टूटेगा।

 

यह घटना दंतेवाड़ा जिले की राजनीति में एक काला धब्बा है। आयोजकों को तुरंत सफाई देनी चाहिए, माफी मांगनी चाहिए और वर्तमान नेताओं को उचित सम्मान देना चाहिए। अन्यथा यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है। जनता अब सवाल पूछ रही है—क्या यह सिर्फ एक कार्यक्रम की भूल है या बड़े राजनीतिक खेल का हिस्सा? समय आ गया है कि प्रशासन और जिला प्रशासन इस मामले की जांच करे और दोषियों पर कार्रवाई करे। अन्यथा लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। कोड़ेनार पंचायत का यह तीन दिवसीय आयोजन खेल और संस्कृति का नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र और अपमान का मंच साबित हुआ है। यह शर्मनाक, निंदनीय और अस्वीकार्य है।

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