*किरंदुल की कुबेर नगरी अब शराबियों का अड्डा और अव्यवस्था का पर्याय बनती जा रही मुख्य बाजार*
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 30 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर नगरी कहलाने वाली किरंदुल आज अपनी ही बनाई व्यवस्था की भेंट चढ़ रही है। करोड़ों रुपए की लागत से बना गांधीनगर हाट बाजार शराबियों और जुआरियों का ठिकाना बन चुका है, जबकि मुख्य मार्ग पर सप्ताह के सातों दिन अवैध अतिक्रमण के कारण आम जनता पैदल चलने लायक जगह तक नहीं बचा पा रही। नगरपालिका की घोर लापरवाही और परिवारवाद की राजनीति ने किरंदुल को बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया है।
*1 करोड़ से ज्यादा खर्च कर बनाया हाट बाजार, आज शराब की भट्टी बना हुआ*
लगभग 20 साल पहले तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सींग ने 1 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से गांधीनगर में भव्य हाट बाजार बनवाया था। उस समय का उद्देश्य था कि मुख्य बाजार को अतिक्रमण मुक्त कर साप्ताहिक हाट को व्यवस्थित किया जाए। लेकिन आज वही हाट बाजार दिन-रात शराब पीकर हंगामा करने वालों का अड्डा बन गया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि शाम ढलते ही वहाँ शराब की बोतलें और जुआ चलता है, महिलाएँ और बच्चे उस रास्ते से गुजरने से डरते हैं।
*वर्तमान अध्यक्ष हैं पूर्व अध्यक्ष की पत्नी, सुधार की कोई उम्मीद नहीं*
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि आज नगरपालिका की कुर्सी पर पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र सींग की पत्नी रूबी सींग काबिज हैं। पति ने बनवाया, पत्नी चलाएंगी, यही परिवारवाद किरंदुल की सूरत बिगाड़ रहा है। जनता सवाल उठा रही है कि क्या रूबी सींग अपने पति के बनाए हाट बाजार को फिर से गुलजार करेंगी या उसे भी शराबियों के हवाले छोड़ देंगी? पिछले कई सालों से हाट बाजार की सफाई तक नहीं होती, बिजली-पानी की व्यवस्था चौपट है और अतिक्रमण करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
*मुख्य मार्ग पर सातों दिन अवैध बाजार, NMDC के लौह अयस्क से लदे भरी भरकम 14 चक्का ट्रक भी फंसते हैं*
किरंदुल का एकमात्र मुख्य मार्ग, जहाँ से NMDC का धर्मकांटा से लौह अयस्क लदे भारी-भरकम 14 चक्का ट्रक गुजरते हैं, आज स्थानीय और बाहरी व्यापारियों की दुकानों से अटा पड़ा है। सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक जगदलपुर, ओडिशा और आसपास के गाँवों के व्यापारी मुख्य बाजार पर ही दुकानें सजा लेते हैं। पैदल चलने की जगह नहीं, दोपहिया वाहन निकालना मुश्किल, चार पहिया तो नामुमकिन।
स्थानीय लोग कहते हैं कि “आदिवासियों को कुछ घंटे की छूट” का बहाना देकर पूरे हफ्ते अवैध कब्जा किया जा रहा है। साप्ताहिक हाट के नाम पर चार दिन तो मानो पूरा कस्बा सड़क पर आ जाता है, बाकी तीन दिन भी व्यापारियों ने नहीं छोड़ा।
*नगरपालिका की नाकामी और पुलिस-प्रशासन की मज़बूरी , जनता परेशान*
हैरानी की बात है कि किरंदुल पुलिस और प्रशासन सब देखकर भी मजबूर है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन ही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए? क्योंकि व्यापारी तो सातों दिन सड़क नहीं छोड़ने वाले। NMDC के लौह अयस्क से भरे भारी वाहनों को भी खड़ी चढ़ाई में दिक्कत हो रही है, आए दिन जाम की स्थिति बनती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं।
*जनता का आक्रोश: “कुबेर नगरी को लुटेरों ने बर्बाद कर दिया”*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस किरंदुल को कभी छत्तीसगढ़ की सबसे अमीर नगरी कहा जाता था, उसे नगरपालिका के परिवारवाद और अवैध अतिक्रमण करने वाले व्यापारियों ने मिलकर बर्बाद कर दिया। करोड़ों का हाट बाजार शराबियों का अड्डा और मुख्य मार्ग अवैध बाजार बन गया। प्रशासन जागेगा या किरंदुल को पूरी तरह जाम और बदहाली की भेंट चढ़ने देगा?
किरंदुल मुख्य बाजार व हाट बाजार के लिऐ अगर जल्दी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह अमीर नगरी बहुत जल्द “अव्यवस्था नगरी” के नाम से जानी जाएगी।

