*बीजापुर में सुरक्षा बलों का ग्रामीणों से सीधा संवाद: माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ रहा विश्वास और सहयोग*
बीजापुर, 27 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला बीजापुर के दूरस्थ गांवों में सुरक्षा बल लगातार जन-संवाद कार्यक्रम चला रहे हैं। इन कार्यक्रमों से ग्रामीणों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के प्रति विश्वास बढ़ा है और माओवादियों के दबाव से मुक्ति की दिशा में सकारात्मक माहौल बन रहा है।
आज यानी 27 नवंबर को एक साथ छह गांवों में जन-संवाद आयोजित किए गए। इनमें गंगालूर थाना क्षेत्र के मेटापाल, ईलमिडी थाना क्षेत्र के लंकापल्ली, तारलागुड़ा थाना क्षेत्र के चन्दूर, मोदकपाल थाना क्षेत्र के पंगनपाल, नेलसनार थाना क्षेत्र के मुण्डेर और मिरतुर थाना क्षेत्र के तमोड़ी गांव शामिल हैं।
इन संवादों में सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों ने ग्रामीणों से उनकी रोजमर्रा की समस्याएं सुनीं, चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी तथा माओवादी गतिविधियों से दूरी बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया।
ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात रखी और कई जगहों पर शांति बनाए रखने व विकास कार्यों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। स्थानीय लोग अब यह महसूस करने लगे हैं कि सुरक्षा बल केवल बल प्रयोग के लिए नहीं, बल्कि उनके हितैषी के रूप में भी क्षेत्र में मौजूद हैं।
पिछले कुछ महीनों से चल रहे इन सतत जन-संवाद कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में खुफिया सूचनाओं का प्रवाह बढ़ा है और माओवादियों का ग्रामीणों पर दबाव कम हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों का यह बढ़ता विश्वास और सहयोग ही नक्सल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सबसे मजबूत कदम है।
बीजापुर जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों की यह पहल नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन रही है।

