NMDC अधिकारी बनकर लाखों की ठगी, Apollo Hospital के नाम पर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

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NMDC अधिकारी बनकर लाखों की ठगी, Apollo Hospital के नाम पर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को बनाया निशाना, जॉइनिंग के लिए अस्पताल पहुंचे तो खुला फर्जीवाड़े का राज

बचेली। अपोलो अस्पताल बचेली में ट्रेनी फार्मासिस्ट की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर ठग ने खुद को NMDC अधिकारी अमित सिंह बताकर कई अभ्यर्थियों को व्हाट्सऐप के माध्यम से अस्पताल के नाम से जाली नियुक्ति पत्र भेजे। जब अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेकर अस्पताल में जॉइनिंग करने पहुंचे, तो पूरा मामला फर्जी निकला।

बताया जा रहा है कि यह मामला 1 जुलाई का है। बीजापुर जिले के कुछ लोग कथित नियुक्ति पत्र लेकर अपोलो अस्पताल बचेली पहुंचे थे। अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि अस्पताल में ट्रेनी फार्मासिस्ट के पद पर कोई भर्ती प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई थी और न ही अस्पताल की ओर से किसी प्रकार का नियुक्ति पत्र जारी किया गया था।

पूछताछ में सामने आया कि अभ्यर्थियों से संपर्क करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमित सिंह बताया था और स्वयं को NMDC अधिकारी बताया। नौकरी दिलाने के नाम पर पूरी बातचीत और लेन-देन फोन एवं व्हाट्सऐप के माध्यम से किया गया। आरोप है कि इसी दौरान अभ्यर्थियों से लाखों रुपये की रकम ठगी गई।

हालांकि ठगी के शिकार अभ्यर्थियों की ओर से अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, अपोलो अस्पताल की मुख्य चिकित्सा प्रशासक ने अस्पताल के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर लोगों से ठगी किए जाने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

नौकरी की उम्मीद, ठगी का जाल

NMDC में नौकरी दिलाने के नाम पर पहले भी ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक ओर स्थानीय बेरोजगार युवा वास्तविक भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नौकरी का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय नजर आ रहे हैं। फर्जी नियुक्ति पत्र, अधिकारी बनकर फोन करना और व्हाट्सऐप के जरिए दस्तावेज भेजकर रकम ऐंठना इस तरह की ठगी का नया तरीका बनता जा रहा है।

अस्पताल प्रबंधन ने किया साफ—कोई भर्ती नहीं निकली थी

अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पद के लिए अस्पताल की ओर से कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं निकाली गई थी और न ही किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। ऐसे में अस्पताल के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किए जाने को लेकर प्रबंधन ने पुलिस का ध्यान आकर्षित कराया है।

पुलिस की कार्रवाई पर नजर

मामले की शिकायत के बाद पुलिस आरोपी की पहचान और उसके द्वारा किए गए लेन-देन एवं संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा।

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