*ब्रेकिंग : किरंदुल नगरपालिका मुख्य अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप*
बाहरी गर्म कपड़ा व्यापारियों से 20-20 हजार रुपये की उगाही, दो किश्तों में 10-10 हजार वसूले जाने का खुलासा
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 28 नवंबर 2025
किरंदुल में एक बार फिर नगरपालिका के मुख्य अधिकारी (सीएमओ) पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार , फुटबॉल ग्राउंड के सामने खुले मैदान में दुकान लगाने की एवज में उत्तर प्रदेश से आए प्रत्येक व्यापारी से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। अभी तक दो किश्तों में 10-10 हजार रुपये प्रति दुकान वसूल लिए गए हैं और दिसंबर के पहले हफ्ते तक बाकी 10 हजार रुपये भी लेने की बात चल रही है।
*प्रभावित गर्म कपड़ा व्यापारियों से वसूले गये 10 हजार*
“नगरपालिका मुख्य अधिकारी ने खुद दुकानों तक आकर संपर्क किया था। पहले तो एनएमडीसी क्षेत्र में दुकान लगाने के लिए 50 हजार रुपये प्रति दुकान मांगे गए। काफी मोलभाव के बाद 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। अभी तक दुकानदारों ने 5-5 हजार की दो किश्तों में 10 हजार रुपये दे दिए हैं। बाकी 10 हजार रुपये दिसंबर के 10 तारीख से पहले देने को कहा गया है। इसके बाद ही दुकानदारों को खुली जगह में दुकान लगाने की पूरी छूट मिली है।”
व्यापारियों के मुताबिक मुख्य अधिकारी इतने शातिर हैं कि वे खुद कभी नकद हाथ में नहीं लेते। पैसे किसी तीसरे व्यक्ति (जिसे वे “अनहनी” कह रहे हैं) के जरिए वसूल करवाते हैं, ताकि कोई सीधा सबूत न रहे।
स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष
किरंदुल के स्थानीय दुकानदारों ने इसका कड़ा विरोध किया था, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। उनका कहना है कि बाहर से आए इन व्यापारियों को जिस तरह खुली छूट देकर सरकारी जमीन पर दुकानें लगवाई जा रही हैं, उससे स्थानीय व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और नगरपालिका के खजाने को भी लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
अब तक का हिसाब
प्रति दुकान तय रिश्वत : 20,000 रुपये
अभी तक वसूले गए : 10,000 रुपये (दो किश्तों में)
बाकी बचा : 10,000 रुपये (दिसंबर पहला हफ्ता)
यदि 5 से 6 दुकानें भी मान लें तो कुल अवैध वसूली : 1 से 1लाख 20 हजार रुपये तक
स्थानीय लोग और व्यापारी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि किरंदुल में अवैध उगाही का यह खेल अब खुलेआम चल रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया तो यह और बड़ा रूप ले लेगा।
किरंदुल ले स्थानित व्यपारी संगठन के भरी विरोध के बाद भी यही कारण है की बाहरी व्यपायो को दुकान लगाने के लिऐ नगरपालिका स्वयं संरक्षण दे रहा है
फिलहाल जिला प्रशासन और नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएमडीसी) के अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जैसे ही कोई प्रतिक्रिया आएगी, हम आपको सबसे पहले अपडेट करेंगे।
