किरंदुल मांसाहारी बाजार की तरह सब्ज़ी व फल बाजार को व्यवस्था करेगी नगरपालिका किरंदुल या पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र सींग के द्वारा करोडो रु की लागत से निर्मित गांधीनगर हाट बाजार रहेगा वीरान
लौह नगरी किरंदुल मे मांसाहारी बाजार मे जिस तरह गन्दगी और ठोस अवशिष्ट फेका जा रहा था सी जी संविधान न्यूज़ मे खबर आने के बाद नगरपालिका मुख्य अधिकारी ने तत्परता से बाजार को सील कर मटन चिकन और मछली बाजार को ही बंद करने का आदेश चस्पा कर दिया गया हैं जब तक कोई व्यवस्था नहीं होती तब तक किरंदुल मे मांसाहारी दुकाने नहीं खुलेंगी
ऐसे ही क्या नगरपालिका किरंदुल के मुख्य बाजार व चौपाटी को भी व्यवस्थित करने मे सफलता हासिल करेगी नगरपालिका या यू ही बाजार के मुहाने को अतिक्रमण कर मार्ग औरोध उत्पन्न करते रहेंगे व्यापारी वहीं आदिवासियों के लिऐ बने टीना सेड को नगरपालिका मुख्य अधिकारी के द्वारा खाली तो कराया गया और 2 से 3 हफ्ते आदिवासियों को सेड मे बैठाया भी गया परन्तु अधिकारी के आदेश को आंख दिखता बाजार आज फिर से जस की तस अव्यवस्था नजर आ रहा हैं नगरपालिका प्रसाशन को मुँह चिढ़ाता किरंदुल मुख्य बाजार का मुहाना
एक नजर मे देखे तो शाम के समय किरंदुल मार्किट मे दो पहिया वाहन ले कर आना जाना मुश्किल हो जाता हैं क्रेता विक्रेता अपने दो पहिया वाहनों को सडक मे ही खड़ी रखते हैं जिसके कारण कई बार लोगो को 5 से 10 मिनट आने जाने के लिऐ इंतजार करना होता हैं ऐसे मे कभी कोई अनहोनी हो और आपातकाल की स्थिति मे एम्बुलेंस या अग्निसमन की बड़ी गाड़ी कैसे आएगी
ऐसे परिस्थिति को क्या नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशि भूषण महापात्र संज्ञान लेंगे या किरंदुल की जनता यू ही हताश निराश रहने पे मजबूर रहेगी शशि भूषण महापात्र ज़ब से किरंदुल नगरपालिका मुख्य अधिकारी का पदभार संभाले हैं नगर व्यवस्था मे भरपूर ध्यान दिये हैं और नगर व्यवस्था के लिऐ प्रयास की भरपूर कोशिश मे लगे है
नगर में प्रति सप्ताह चार बजार लगते हैं जिसमें जनसैलाब उमड़ता है जो हर वक्त खतरे को खुला आमंत्रण है और सत्य तो यह की कई दफा दुर्घटना हो भी चुकीं है,इन्हीं सब समस्याओं के समाधान के लिए नगर पालिका परिषद किरंदुल द्वारा गांधी नगर के नीचे करोड़ों की लागत से हाट बाजार का निर्माण कराया गया सारी मूल भूत व्यवस्थाएं दी गईं,और व्यापारियों को वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराते हुए भविष्य में तेजी से होती जनसंख्या वृद्धि होने वाले भीषण परिणामों के विषय में अवगत कराते हुए बाजार को स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन ने अथक प्रयास से गांधी नगर हाट बाजार में शिफ्ट कर दिया किन्तु चन्द दिनों बाद ही कुछ विघ्न संतोषी तत्वों और राजनैतिक हस्तक्षेप के चलते शासन प्रशासन की सारी कसरत और किया धरा विफल हो गया बाजार फिर वापस अपनी पुरानी जगह पर लौट आया और उसी घिसी पिटी पुरानी परिपाटी पर तमाम खतरों के साथ अग्रसर है,उक्त घटना के बाद बाजार की परिस्थितियों की नाजुक स्थिति को दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन व निकाय प्रमुख ने मामले में पुनः संज्ञान लिया और बाजार से गुजरने वाले मुख्य मार्ग से अतिक्रमण को बलपूर्वक खाली करवाया,अमर बेल की तरह फैले ठेले, खोमचे और चखना की गुमटियों को बाजार के निकट ही स्थित चौपाटी में व्यवस्था चाक चौबंद कर,बिजली पानी की समुचित व्यवस्था के उपरांत स्थानांतरित कर सभी व्यवसायियों को मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा स्थान आबंटन भी कर दिया गया
,कुछ दिनों तक तो सब ठीक ठाक चलता रहा लेकिन पुनः इतिहास ने अपने आपको दोहराया पुनः विघ्न संतोषी तत्व सक्रिय हुए,राजनैतिक हस्तक्षेप हुआ और परिणाम वही ढाक के दो पात, स्थिति जस की तस विश्वस्त सूत्रों से ऐसा ज्ञात हुआ है कि नगर पालिका परिषद किरंदुल की चुनावी प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत प्रशाशन तीसरा प्रयास करने के लिए तत्पर है,किन्तु एक यक्ष प्रश्न क्या पुनः प्रशाशन के प्रयास को विफल कर दिया जाएगा,क्या पुनः राजनैतिक हस्तक्षेप होगा क्या पुनः स्थानीय राजनैतिक प्रतिस्पर्धा और
समीकरणों के वशीभूत बाजार की स्थिति जस की तस हो जाएगी और निकट भविष्य में किसी भयावह घटना के बाद ही लोगों की आंखे खुलेंगी यह सब भविष्य के गर्त में समाया
