वेतन समझौता की लंबित आगामी कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने की मांग को लेकर खदान मजदूर संघ द्वारा सीएमडी के नाम सीजीएम को दिया गया ज्ञापन

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

*वेतन समझौते की लंबित आगामी कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने की मांग को लेकर खदान मजदूर संघ द्वारा सीएमडी के नाम सीजीएम को दिया गया ज्ञापन*

किरंदुल. विगत 3 वर्ष 1 माह की दीर्घ अवधि से एनएमडीसी कर्मचारियों के लंबित पुनरीक्षित वेतनमान समझौते में हो रही देरी से समस्त कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है। इस विषय को लेकर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप द्वारा सकारात्मक पहल करते हुए खदान मजदूर संघ (सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ) शाखा किरंदुल के पदाधिकारियों के साथ सीधे केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी से नई दिल्ली स्थित उद्योग भवन में विगत दिनों विस्तृत परिचर्चा की गई थी तथा ज्ञापन सौंपा गया था। वेतन समझौते में हो रही देरी के संदर्भ में पूर्व में

उप महाप्रबंधक (कार्मिक) औ.सं., एनएमडीसी मुख्यालय, हैदराबाद द्वारा यह जानकारी उपलब्ध कराई गई थी कि, एनएमडीसी प्रबंधन एवं यूनियनों की एपेक्स समिति के बीच वेतन समझौता 8 अगस्त 2024 को किया गया था तथा लोक उद्यम विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वेतन समझौते को लागू करने से पूर्व प्रशासनिक मंत्रालय से स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाना बताया गया, जिस पर केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय, नई दिल्ली से स्वीकृति हेतु लिखित में कुछ आंकड़ों के संदर्भ में स्पष्टीकरण चाही गई थी। तथा एनएमडीसी मुख्यालय द्वारा इस्पात मंत्रालय को वांछित जानकारी उपलब्ध करा दी गई है तथा अब मामला इस्पात मंत्रालय में लंबित है। उद्यम एवं कर्मचारियों के हित में शीघ्रातिशीघ्र आवश्यक आगामी कार्रवाई के संदर्भ में अद्यतन जानकारी हेतु हमारे श्रम संघ द्वारा केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय से सम्पर्क करने हेतु हमारे बस्तर लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद महोदय से अनुरोध किया गया, जिस पर तत्काल ही संज्ञान लेकर उन्होंने माननीय केन्द्रीय इस्पात मंत्री जी के साथ दिनांक 16 जनवरी 2025 को उद्योग भवन, नई दिल्ली में हमारे पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता आहूत करवाई जिसमें, लंबित वेतन समझौते के संदर्भ में जानकारी प्राप्त हुई की एनएमडीसी द्वारा जो स्पष्टीकरण प्रेषित किया गया था, उससे इस्पात मंत्रालय द्वारा संतोषजनक न बताते हुए स्पष्टीकरण हेतु पुनः कुछ जानकारियां चाही गई थी, जो कि उक्त तिथि तक इस्पात मंत्रालय में उपलब्ध न कराया जाना बताया गया तथा यह भी आश्वस्त किया गया कि एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा वांछित जानकारी उपलब्ध कराये जाने पर इस्पात मंत्रालय द्वारा तत्काल ही आवश्यक आगामी कार्रवाई की जायेगी। तत्संदर्भ में हमारे श्रम संघ के अनुरोध पर मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन एवं बस्तर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय से पत्राचार एवं वार्ता किया गया है, जिस पर भी एनएमडीसी मुख्यालय से वांछित स्पष्टीकरण उपलब्ध न कराया जाना बताया गया है। अतः उद्यम हित एवं श्रमिक हित में पुनरीक्षित वेतन समझौते से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए आवश्यक आगामी कार्रवाई शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने बाबत एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक के नाम पर मुख्य महाप्रबंधक किरंदुल परियोजना को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही साथ ज्ञापन में यह भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि श्रमिक हितों के साथ राष्ट्रहित एवं उद्यम हित सर्वोपरि हमारा श्रम संघ “भारत माता की जय घोष” के साथ “देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम” जैसे प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने वाला संघ है न कि आपदा में अवसर तलाशने वाले अन्य संगठनों की तरह चाहे जो भी मजबूरी हो, मांग हमारी पूरी हो के सिद्धांत्तों पर चलने वालों की तरह है, जो कि स्वहितों के लिए अनेक प्रकार के भ्रामक, तथ्यों से परे एवं अनर्गल प्रलाप करते हुए अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकते हैं। केन्द्रीय इस्पात मंत्रालय में किये गये विस्तृत वार्ता, पत्राचार से जो जानकारियां मिलती है एवं एनएमडीसी की उच्च प्रबंधन द्वारा जो आगामी कार्रवाई की जा रही है, उस पर हमें पूर्ण विश्वास है कि विगत 03 वर्षों से लंबित पुनरीक्षित वेतनमान अतिशीघ्र लागू होगा। अतः इस्पात मंत्रालय से किसी भी प्रकार की कोई जानकारी न लेकर भ्रामक प्रचार करते हुए हड़ताल पर यदि कोई जाता है, तो हमारा श्रमिक संघ राष्ट्रहित, उद्यमहित एवं श्रमिक हितों के सिद्धांतों पर चलते हुए किसी भी तरह के हड़ताल पर नहीं जायेगा तथा इस दौरान हमारे पदाधिकारियों एवं सदस्यों को कार्यस्थल पर सकुशल पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय परियोजना प्रबंधन की होगी। विदित हो कि कतिपय तत्वों द्वारा विगत 3 वर्षों से लंबित वेतन समझौते के लिए कोई ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई के बजाए इस पर तुच्छ राजनीति करते हुए भ्रामक, तथ्यहीन प्रलाप किया जा रहा गया। आज के समय में किसी भी छोटे से छोटे कार्यालय में जब कोई आवेदन पत्र दिया जाता है तो उसकी पावती ली जाती है तथा किसी भी मंत्री या सचिव अथवा अधिकारी को कोई ज्ञापन देने पर तस्वीरें भी ली जाती है, किंतु बिना किसी पावती या तस्वीर के केवल राजनैतिक लाभ के लिए ढकोसला किया जा रहा है, जबकि एनएमडीसी प्रबंन्धन द्वारा 2 वर्ष पूर्व ही वेतन समझौते के लिए चार्टर ऑफ डिमांड की मांग की गई थी तब कतिपय तत्व बैठक बहिष्कृत किया करते थे, जिसके कारण इतना विलम्ब हुआ तथा स्वहितो के लिए श्रमिक हितों पर कुठाराघात किया गया। अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक के नाम पर मुख्य महाप्रबंधक संजीव साही को ज्ञापन सौंपने के अवसर पर खदान मजदूर संघ (सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ) शाखा किरंदुल के अध्यक्ष बी. दिल्ली राव, सचिव महेन्द्र कुमार, राजेंद्र यादव, बसंत जांगड़े, नरेंद्र साहू, दानेश्वर जोशी, लीशांष सिंह, सूरमा, सुधा, नितेश आदि सदस्य उपस्थित थे।

Leave a Comment

और पढ़ें

रायपुर, 10 जुलाई। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के कई रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों (IG) तथा विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) का तबादला किया गया है।

Buzz4 Ai

Read More Articles

रायपुर, 10 जुलाई। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के कई रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों (IG) तथा विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) का तबादला किया गया है।